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गांधी जी के ‘चरखे’ की ब्रिटेन में नीलामी

Tue, 22 Oct 2013 08:52 AM IST
अमर उजाला
अमर उजाला Updated Tue, 22 Oct 2013 08:52 AM IST
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mahatma gandhi's prison 'charkha' to be auctioned in uk

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रिय वस्तुओं में से एक चरखे की जल्द ही ब्रिटेन में नीलामी की जाएगी। इस चरखे का इस्तेमाल गांधी जी ने ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन के दौरान येरवदा जेल में किया था।

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यह नीलामी 5 नवंबर को प्रतिष्ठित ब्रिटिश नीलामी हाउस 'मुलोक' में होगी। इस बेशकीमती चरखे की न्यूनतम बोली 60 हजार पाउंड रखी गई है।

इसके अलावा गांधी से जुड़ी 60 से अधिक बेशकीमती वस्तुओं की नीलामी भी होगी, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज, तस्वीरें और पुस्तकें शामिल हैं।

इसके अलावा सिख और मैसूर राजवंश से जुड़ी कुछ ऐतिहासिक चीजें भी शामिल होंगी। पुणे की जेल में इस्तेमाल किए गए इस चरखे को गांधी जी ने 'अमेरिकन फ्री मेथोडिस्ट मिशनरी' के 'रेवड फ्लायड ए पफर' को भेंट स्वरूप दे दिया था।
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पफर भारतीय शिक्षा और औद्योगिक सहकारिता के अगुवा माने जाते हैं। उनके इन्हीं कामों को देखते हुए गांधी जी ने चरखा गिफ्ट किया था।

इसके अलावा गांधी जी से जुड़ी 60 से अधिक वस्तुओं को भी नीलाम किया जाएगा, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज, फोटोग्राफ, किताबें भी शामिल हैं।

क्या है चरखे की अहमियत
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में पैदा होने वाले कपास को इंग्लैंड भेज दिया जाता था और वहां से तैयार कपड़े बिक्री के लिए वापस यहां आते थे। इन कपड़ों की कीमत काफी अधिक होती थी, जिसे आम आदमी खरीद नहीं पाता था। अंग्रेजों के इस काम के विरोध में गांधी जी ने भारतीयों को अपने कपड़े खुद तैयार करने को प्रोत्साहित किया।
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पारंपरिक चरखा काफी भारी और इधर उधर ले जाने में मुश्किल भरा था। इसमें सुधार की जरूरत थी। येरवदा जेल में रहने के दौरान गांधी जी ने हल्के और पोर्टेबल चरखे का ईजाद किया। गांधी जी खुद नियमित रूप से चरखे पर कताई का काम करते थे।


गांधी जी की ये चीजें हो चुकी हैं नीलाम
चश्मा, पॉकेट घड़ी, प्लेट ओर कटोरा, चप्पल

और क्या होगा नीलाम
इस नीलामी में सिख और मैसूर साम्राज्य से जुड़ी वस्तुओं की भी नीलामी की जाएगी। इसमें 19वीं शताब्दी की टीपू सुल्तान की पेंटिंग, सुल्तान की बेटी 1837 की तिथि की ब्रिटिश स्कूल की पेंटिंग, महाराजा रंजीत सिंह के 1805 का एक अकाउंट भी शामिल है।

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