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दिसंबर में नीलाम होंगे महात्मा गांधी के पत्र
नई दिल्ली/लंदन/एजेंसी
Updated Sun, 18 Nov 2012 08:36 PM IST
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महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए दो पत्रों की नीलामी अगले महीने लंदन में होगी। सोथबी की नीलामी में रखे जाने वाले इन पत्रों में से एक को बापू ने रवीद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई द्विजेंद्रनाथ को लिखा था।
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आगामी 12 दिसंबर को अंग्रेजी साहित्य, इतिहास, बच्चों की किताबों और चित्रों की नीलामी होगी जिसमें बापू के पत्रों के अलावा भारतीय संविधान की एक दुर्लभ प्रति भी शामिल होगी। इस नीलामी में लगभग 200 चीजों की बोली लगाई जाएगी, इसमें अंग्रेजी साहित्य, इतिहास, बच्चों से जुड़ी किताबें भी शामिल हैं।
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वर्ष 1922 में अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद किए जाने के बाद गांधी ने द्विजेंद्रनाथ को एक खत भेजा था जिसमें उन्होंने खुशी जताई है कि उनको सजा ऐसे समय में हुई है, जब उन्हें लगता है कि वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत में एक स्थायी शांति पर खुशी जताते हुए उसे अपनी ताकत बताया है।
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गांधी ने द्विजेंद्रनाथ को पेंसिल से लिखे दो पेज के पत्र में यह भी कहा कि वे ‘यंग इंडिया’ को उनके समर्थन के संदेश भेज दें। इस पत्र की कीमत 5 से 7 हजार पाउंड के बीच आंकी गई है। एक दूसरे पत्र की कीमत 3 से 4 हजार पाउंड के बीच आंकी गई है।
यह पत्र गांधी ने वर्ष 1922 में एक अज्ञात मित्र को सांत्वना देने के लिए उस समय भेजा था, जब उन्होंने चार्ली (एंड्रयूज) से उस व्यक्ति की मां के निधन के बारे में सुना था। गांधी ने इस खत में लिखा, ‘जीवन और मरण को एक समान मानना चाहिए’।
भारतीय संविधान की प्रति के सत्यापन पेज पर राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के अंग्रेजी और देवनागरी में हस्ताक्षर हैं, साथ ही इस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के भी दस्तखत हैं।