'बस एक ही इच्छा, ममता बनें देश की प्रधानमंत्री'
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यों की सराहना करते हुए प्रख्यात साहित्यकार महाश्वेता देवी ने इच्छा जताई है कि वह ममता को बतौर प्रधानमंत्री देखना पसंद करेंगी।
महाश्वेता देवी ने कहा, ‘मेरा पूरा भरोसा ममता पर है। मैं उन्हें दिल्ली की सत्ता पर काबिज होते देखना चाहती हूं। उनमें पीएम बनने की पर्याप्त क्षमता है।’
कभी फासीवादी बताया था
88 वर्षीय लेखिका के ममता से रिश्ते अकसर नरम और गरम होते रहे हैं। उन्होंने सिंगुर और नंदीग्राम आंदोलनों में ममता का भरपूर समर्थन किया था, मगर ममता के राज्य की सत्ता में आते ही उन्होंने राज्य सरकार पर फासीवादी होने का आरोप लगाया था।
हालांकि बाद में वह अपने बयान से पीछे हट गई थीं। तृणमूल की रैली में बोलते हुए महाश्वेता ने ममता को मानवतावादी, जुझारू और जन नेता करार दिया।
तृणमूल अकेले लडे़गी लोकसभा चुनाव
इधर, तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ने का ऐलान किया है।
बृहस्पतिवार को अपनी विशाल जनसभा से उत्साहित पार्टी सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा के चुनावी मैदान में अकेले ही उतरेगी।
उन्होंने तृणमूल को देश के लिए एकमात्र विकल्प बताया। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा, कांग्रेस और माकपा के साथ तो है ही, हमारी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ भी है।
'बंगाल की ओर से बदलाव हो'
ममता ने कहा कि हम ऐसी सरकार नहीं चाहते जो दंगों को बढ़ावा दे। उन्होंने इस मौके पर राज्य की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टियों कांग्रेस और माकपा को हराने का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संघीय मोर्चा बनना चाहिए। हम चाहते हैं कि दिल्ली की केंद्रीय सत्ता में बदलाव आए और यह बदलाव बंगाल की ओर से होना चाहिए।