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पवार वार में उलझी महाराष्ट्र सरकार
मुंबई/एजेंसी
Updated Thu, 27 Sep 2012 12:45 AM IST
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महाराष्ट्र में एनसीपी नेता अजीत पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सियासत बुधवार को भी गरमाई रही। अजीत पवार और उनके चाचा एनसीपी प्रमुख शरद के बीच चल रही जोर आजमाइश में महाराष्ट्र सरकार भी उलझी दिखी। शरद पवार ने जहां अजीत का इस्तीफा मंजूर होने की बात कही, वहीं अजीत समर्थक विधायकों ने उनसे इस्तीफा वापस लेने की मांग कर दी है।
उनका कहना है कि यदि अजीत सरकार में नहीं रहेंगे तो एनसीपी का कोई मंत्री सरकार में नहीं रहेगा। पवारों की इसी आपसी खींचतान के चलते मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने अभी अजीत का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। बुधवार को दिनभर एनसीपी के नेताओं के अलग-अलग बयान आते रहे।
पार्टी के एक गुट की ओर से कहा गया कि एनसीपी के विधायक दल की कोई बैठक नहीं होने जा रही है, जबकि दोपहर बाद अजीत समर्थक विधायकों ने बैठक की। इसमें विधायकों ने एक सुर से अजीत से इस्तीफा वापस लेने की मांग की। मालूम हो कि अजीत पवार ने सिंचाई घोटाले के आरोपों के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष मधुकर पिचड ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबा साहेब कूपेकर के निधन से हम सभी दुखी हैं, इसलिए इस मुद्दे पर अभी कोई बात नहीं की जा रही है। पार्टी प्रमुख से बात कर एक दो दिन में कोई फैसला लिया जाएगा।
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वहीं, कोलकाता में शरद पवार और दिल्ली में एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार पर किसी तरह का संकट नहीं है। उन्होंने दोहराया कि एनसीपी सरकार से नहीं हटेगी। वहीं, पटेल ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि अजीत पर निराधार आरोपों के बीच पूरी महाराष्ट्र सरकार को एक साथ दिखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच ताजा सियासी हालात पर चव्हाण ने भी मुंबई में अपने निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक कर चर्चा की।
महाराष्ट्र में कोई पद स्वीकार नहीं: सुप्रिया सुले
एनसीपी सांसद और पार्टी सुप्रीमो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार में अपने शामिल होने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है। सुले ने कहा कि मैं महाराष्ट्र सरकार में कोई जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करूंगी क्योंकि मैं केंद्र में काम कर रही हूं। शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सुले के यह जिम्मेदारी संभालने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
'मेरी अजीत पवार से बात हुई है। अजीत ने कहा है कि जब तक उन पर आरोप गलत साबित नहीं हो जाते तब तक वह पद पर नहीं रहना चाहते। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। अन्य कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देगा। सब सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।'
- शरद पवार, एनसीपी सुप्रीमो
'एनसीपी एकजुट है। अजीत पवार के इस्तीफे के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली ही रहेगा। अजीत ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की सहमति के बाद खुद इस्तीफा दिया है और वह एनसीपी विधायक दल के नेता बने रहेंगे।'
- प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी नेता
'महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। मुख्यमंत्री की छवि साफ सुथरी है। अजीत पवार का इस्तीफा राज्य का मसला है, इससे केंद्र में यूपीए सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने जा रहा है।'
- राशिद अल्वी, कांग्रेस
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उनका कहना है कि यदि अजीत सरकार में नहीं रहेंगे तो एनसीपी का कोई मंत्री सरकार में नहीं रहेगा। पवारों की इसी आपसी खींचतान के चलते मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने अभी अजीत का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। बुधवार को दिनभर एनसीपी के नेताओं के अलग-अलग बयान आते रहे।
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पार्टी के एक गुट की ओर से कहा गया कि एनसीपी के विधायक दल की कोई बैठक नहीं होने जा रही है, जबकि दोपहर बाद अजीत समर्थक विधायकों ने बैठक की। इसमें विधायकों ने एक सुर से अजीत से इस्तीफा वापस लेने की मांग की। मालूम हो कि अजीत पवार ने सिंचाई घोटाले के आरोपों के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष मधुकर पिचड ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबा साहेब कूपेकर के निधन से हम सभी दुखी हैं, इसलिए इस मुद्दे पर अभी कोई बात नहीं की जा रही है। पार्टी प्रमुख से बात कर एक दो दिन में कोई फैसला लिया जाएगा।
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वहीं, कोलकाता में शरद पवार और दिल्ली में एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार पर किसी तरह का संकट नहीं है। उन्होंने दोहराया कि एनसीपी सरकार से नहीं हटेगी। वहीं, पटेल ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि अजीत पर निराधार आरोपों के बीच पूरी महाराष्ट्र सरकार को एक साथ दिखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच ताजा सियासी हालात पर चव्हाण ने भी मुंबई में अपने निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक कर चर्चा की।
महाराष्ट्र में कोई पद स्वीकार नहीं: सुप्रिया सुले
एनसीपी सांसद और पार्टी सुप्रीमो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार में अपने शामिल होने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है। सुले ने कहा कि मैं महाराष्ट्र सरकार में कोई जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करूंगी क्योंकि मैं केंद्र में काम कर रही हूं। शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सुले के यह जिम्मेदारी संभालने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
'मेरी अजीत पवार से बात हुई है। अजीत ने कहा है कि जब तक उन पर आरोप गलत साबित नहीं हो जाते तब तक वह पद पर नहीं रहना चाहते। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। अन्य कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देगा। सब सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।'
- शरद पवार, एनसीपी सुप्रीमो
'एनसीपी एकजुट है। अजीत पवार के इस्तीफे के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली ही रहेगा। अजीत ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की सहमति के बाद खुद इस्तीफा दिया है और वह एनसीपी विधायक दल के नेता बने रहेंगे।'
- प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी नेता
'महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। मुख्यमंत्री की छवि साफ सुथरी है। अजीत पवार का इस्तीफा राज्य का मसला है, इससे केंद्र में यूपीए सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने जा रहा है।'
- राशिद अल्वी, कांग्रेस