विवाद के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बदला अपना फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राइम टाइम में मराठी फिल्म दिखाने के आदेश से बढ़ते विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने मानक में छूट देने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री विनोद तावड़े ने बताया कि मल्टीप्लेक्स थिएटर ओनर्स एसोसिएशन, मराठी फिल्म निर्देशकों और डिस्ट्रीब्युटरों के साथ बैठक कर मानक में छूट देने का निर्णय हुआ। अब दोपहर 12 से शाम 9 बजे के बीच प्राइम टाइम होगा। हालांकि शाम 6 से 9 बजे के बीच दिखाना प्राथमिकता में रखा गया है।
तावड़े ने कहा कि यह भी तय हुआ है कि साल में 124 शो इसी प्राइम टाइम में दिए जाएंगे। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी जिसमें दो प्रोड्यूसर और दो डिस्ट्रीब्यूटर शामिल होंगे। यह समिति तय करेगी कि किस मराठी फिल्म के लिए प्राइम टाइम में से कौन सा स्लॉट दिया जाएगा।
अब दोपहर 12 के बाद चलेंगी मराठी फिल्में
मल्टिप्लेक्स थिएटर्स ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक आशर ने कहा कि हम मराठी फिल्मों को प्राइम टाइम देने के लिए तैयार हैं। मराठी फिल्मों से कारोबार पर कोई असर नहीं होता। प्रादेशिक फिल्मों को बढ़ावा देना हमारी जिम्मेदारी है।
मराठी फिल्म उद्योग को सरकार द्वारा प्राइम टाइम (शाम छह से रात नौ बजे) में उनकी फिल्में दिखाने का पहले का आइडिया रास नहीं आया था।
मराठी फिल्मकारों के संगठन अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडल के अध्यक्ष विजय पाटकर ने बृहस्पतिवार शाम को राज्य के शिक्षा, संस्कृति और मराठी भाषा मंत्री विनोद तावड़े से मुलाकात के बाद ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि मुलाकात कामयाब रही और उनकी मांगें मान ली गई हैं। बैठक में मल्टीप्लेक्स मालिकों का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।