स्टार प्रचारक रहे आदित्यनाथ ने बताया, क्यों हारी बीजेपी?
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उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारक रहे भाजपा सांसद महंत आदित्यनाथ ने चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार बेशर्मी पर उतर आई थी। ऐसी स्थिति में आकलन करना मुश्किल हो जाता है।
चुनाव के दौरान पुलिस का पूरी तरह से राजनीतिकरण हो गया था। चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई गई। कैबिनेट स्तर के मंत्रियों को पंचायतों का इंचार्ज बना दिया गया। कहा कि उन्हें चार जगहों पर सभाएं नहीं करने दी गई। तमाम तरह की बाधाएं खड़ी कर दी गईं। इसके बावजूद वह जहां भी गए, पार्टी जीती।
नतीजों की समीक्षा करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उप चुनावों में राज्य सरकार का प्रभाव नजर आता है। ऐसा ही इस बार भी हुआ।
'चुनाव में हार के कई कारक जिम्मेदार'
महंत आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव में कई कारक जिम्मेदार होते हैं। पहला टिकट वितरण, दूसरा संगठन और तीसरा सुव्यवस्थित चुनाव प्रचार। भाजपा इन बिंदुओं पर उतनी कारगर नहीं साबित हो सकी।
उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ और चुनाव आयोग के काम का तरीका भी प्रभावशाली नहीं रहा। कहा कि जहां सभा करने का मौका मिला, वहां उन्होंने हिंदुत्व और विकास के मुद्दे पर ही वोट मांगा। इसका नतीजा सकारात्मक रहा।
उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के पुनर्मूल्यांकन की जरूरत है। हार से हतोत्साहित होने की बजाय विश्लेषण की प्रेरणा मिलती है।
परिणाम उलटा आया, समीक्षा की जरूरत
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला ने उपचुनाव के परिणामों को आशा के विपरीत बताते हुए कहा कि जितनी सीटें हमें मिलनी चाहिए थी, वह समाजवादी पार्टी की झोली में चली गईं। सपा के इस अव्यवस्थित शासन के बावजूद यह नतीजा बताता है कि कहीं न कहीं भाजपा से चूक हुई है। समीक्षा करेंगे तो ही वास्तविक कारण समझ में आएगा।