पश्चिम बंगाल चुनावों में अहम भूमिका निभाएगा महागठबंधन
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बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा को करारी हार देने वाला महागठबंधन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। महागठबंधन में शामिल जदयू, राजद और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्षों ने हाल ही में कोलकाता में एक बैठक की। इस बैठक में चुनाव को लेकर बातचीत की गई।
कांग्रेस और माकपा के बीच प्रस्तावित तालमेल की खबरों के बीच इन तीनों दलों की आपसी बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। दूसरी तरफ, जदयू और राजद से समर्थन की उम्मीद तृणमूल कांग्रेस ने भी पाले रखी है।
बिहार में भले ही माकपा महागठबंधन का हिस्सा नहीं थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में उसने साफ संकेत दिया है कि वह यहां तृणमूल तृणमूल कांग्रेस से मुकाबले के लिए कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने को तैयार है।
लेकिन तृणमूल को है उम्मीद
हालांकि दोनों दलों के केंद्रीय नेतृत्व ने अब तक इस मामले पर साफ-साफ कुछ
नहीं कहा है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि महागठबंधन के लिए यहां चुनाव
प्रचार के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू
प्रसाद यादव के आने की स्थिति में उनको हिंदी भाषी वोटरों को लुभाने में
सहायता मिलेगी।
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को भी जदयू और राजद
से समर्थन की उम्मीद है। ममता ने बिहार चुनावों के दौरान वोटरों से नीतीश
कुमार को दोबारा जिताने की अपील की थी। नीतीश ने भी उनको शपथ ग्रहण समारोह
में बुलाया था।
तृणमूल नेता व पीडब्ल्यूडी मंत्री सुब्रत मुखर्जी कहते हैं
कि इन दोनों दलों की तरह तृणमूल कांग्रेस भी भाजपा विरोधी ताकत है। इसलिए
बिहार के इन दोनों प्रमुख दलों को यहां तृणमूल को समर्थन देने में कोई
आपत्ति नहीं होनी चाहिए।