महाराष्ट्र सरकार का कारनामा, मृतकों को घोषित कर दिया स्वतंत्रता सेनानी
महाराष्ट्र में स्वतंत्रता सेनानियों की नई सूची में तीन मृतकों को भी शामिल किया गया है। यही नहीं, तीनों मृतकों के लिए पेंशन राशि भी जारी कर दी गई है।
अब मृतक के वारिस बेटे और बहू स्वतंत्रता सेनानी के हिस्से में आई लाखों की धनराशि पर अपना अधिकार जताने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले का खुलासा आरटीआई के तहत मिली जानकारी से हुआ है।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना के अधिकार के तहत स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी मांगी थी। जवाब में बताया गया कि एक जनवरी 2015 से जून 2015 तक 88 स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन मंजूर की गई।
एक दिन में 52 लोगों को मुख्यमंत्री ने दिया सेनानी का दर्जा
आरटीआई से यह भी पता चला कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक ही दिन में
बीड जिले के 52 लोगों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दे दिया।
इस नई सूची
में संभाजी अंबूजी खाडे, जनाबाई लक्ष्मण येवले और जलसुबाई तुकाराम भोसले भी
शामिल हैं, जो कई साल पहले ही दुनिया से विदा ले चुके हैं।
स्वतंत्रता
सेनानियों की सूची में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। कांग्रेस-एनसीपी
गठबंधन की सरकार ने भी केवल बीड जिले से ही 355 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
बनाए थे।
बड़ा रैकेट है सक्रिय
बाद में इनमें से 298 फर्जी निकले। अनिल गलगली ने आशंका जताई है
कि इस मामले में कोई बड़ा रैकेट सक्रिय है। उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो से
जांच कराने की मांग की है।
बता दें कि बीड दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ
मुंडे का गृह जिला है। उनकी बेटी पंकजा मुंडे सूबे में महिला व बाल विकास
विभाग की मंत्री हैं