मैगी का नमूना फेल, कंपनी को नोटिस की तैयारी
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शासन के निर्देश पर अगस्त माह में चलाए गए अभियान के दौरान धामपुर में लिया गया नेस्ले कंपनी की मैगी का नमूना जांच में फेल आया है।
इसमें स्वाद बढ़ाने में प्रयोग होने वाले मोनो सोडियम ग्लूटामेट की मात्रा मानक से चार गुना अधिक मिली है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने विक्र्रेता और उत्पादक कंपनी को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू की है।
देश में कई जगह पर मैगी का नमूना फेल आने पर अगस्त माह में शासन के निर्देश पर सेंपलिग अभियान चलाया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसबी सिंह के मुताबिक अभियान के दौरान धामपुर के मोहल्ला साहूवान में दिनेश कुमार की दुकान से नेस्ले इंडिया कंपनी ऊना हिमाचल प्रदेश की मैगी का नमूला लेकर जांच के लिए भेजा था।
नेस्ले इंडिया को नोटिस भेजने की तैयारी
लखनऊ लैब से आई जांच रिपोर्ट में मैगी का नमूना फेल आया है। इसमें मोनो सोडियम ग्लूटामेट की मात्रा मानक से चार गुना अधिक मिली है। मानक के अनुरूप मोनो सोडियम ग्लूकामेट तत्व की मात्रा एक प्रतिशत होनी चाहिए, जबकि मैगी की जांच में यह तत्व 4.11 प्रतिशत मिला है।
इस पर विक्रेता दिनेश कुमार और उत्पादक कंपनी नेस्ले इंडिया को नोटिस भेजा जा रहा है। यदि विक्रेता अथवा उत्पादक कंपनी चाहती है, तो नोटिस के तीस दिनों के भीतर अपने नमूने की दोबारा जांच करा सकती है। अन्यथा दोनों के विरुद्ध वाद करा दिया जाएगा।
स्वाद बढ़ाता हैं सोडियम ग्लूटामेट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंददेव ने बताया कि मैगी मसाले में स्वाद बढ़ाने के लिए मोनो सोडियम ग्लूटामेट एक निर्धारित मात्रा में मिलाया जाता है। यदि इसे कुछ ज्यादा मात्रा में खाने में मिलाया जाए, तो स्वाद अधिक बढ़ जाता है। कुछ समय तक लगातार अधिक मात्रा में खाने पर इसकी आदत पड़ जाती है।