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हार्वर्ड बिजनेस स्कूल मैगी पर करेगा केस स्टडी

Mon, 24 Aug 2015 12:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 24 Aug 2015 12:18 PM IST
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Maggi case makes it to India Research Center of Harvard Business School

हार्वर्ड बिजनेस स्कूल मैगी मामले पर स्टडी करने जा रहा है। एक अंगेजी अखबार के मुताबिक हार्वर्ड बिजनेस स्कूल का इंडिया रिसर्च सेंटर मैगी केस की पड़ताल करने वाला है।

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मैगी में जरूरत से ज्यादा लैड की मात्रा पाए जाने के कारण इंडियन फूड रेगुलेटर ने जून में देश भर में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके चलते करोड़ों की मैगी को सीमेंट की भट्टी में झोंककर नष्ट कर दिया गया था।
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उधर कोर्ट ने मैगी से बैन तो हटा लिया है लेकिन आगे की जांच के आदेश दिए हैं। भारत के तकरीबन हर के जायके की पसंद में शुमार मैगी पर अब हार्वर्ड का इंडिया रिसर्च सेंटर अध्ययन कर रहा है।
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फास्ट ट्रैक बेसिस पर चल रही है केस स्टडी

Maggi case makes it to India Research Center of Harvard Business School

अंग्रेजी अखबार से मिली जानकारी के मुताबिक मैगी मामले की केस स्टडी फास्ट ट्रैक बेसिस पर हो रही है, जो महीने भर में पूरी हो जाएगी। वैसे अमूमन एक केस स्टडी तैयार होने में नौ महीने या उससे ज्यादा वक्त लगता है।

मैगी केस स्टडी में इस बात पर फोकस रहेगा कि आखिर वो कौन सी गलतियां थी, जिनकी वजह से कंपनी को बाजार से मैगी वापस लेनी पड़ गई थी।

इससे पहले हार्वर्ड बिजनेस स्कूल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और मुंबई के डिब्बावालों को अपनी स्टडी का विषय बना चुका है। इन दोनों मामलों पर हार्वर्ड की केस स्टडी कामयाब रही।

मैगी मामले से स्विस पैरेंट कंपनी की ब्रांड वैल्यू को भारी नुकसान हुआ है और इसके अलावा सरकारी नियंत्रण वाले रेगुलेटर की कार्रवाई की कड़ी आलोचना भी हुई है। इस मामले को जिस तरह से हैंडल किया गया उसकी कोर्ट ने भी निंदा की है।

नेस्ले इंडिया से नहीं किया गया है संपर्क

Maggi case makes it to India Research Center of Harvard Business School

उधर नेस्ले इंडिया के मुताबिक केस स्टडी के लिए किसी ने उससे संपर्क नहीं किया है। हार्वर्ड ने भी इस बारे में कुछ भी कहने से मना किया है। हार्वर्ड के चीफ मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस ऑफिसर ब्रायन केनी ने अंग्रेजी अखबार के ईमेल से पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि हम अपनी पॉलिसी के हिसाब से केस पर तब तक कमेंट नहीं करते जब तक कि वे पब्लिश नहीं हो जाते और हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल के केस कलेक्शन में शामिल नहीं कर लिए जाते, इसलिए मैं उन केस के बारे में कुछ बता नहीं पाऊंगा जो अभी चल रहे हैं।

अग्रेजी अखबार के मुताबिक हार्वर्ड ने मैगी मामले में दिलचस्पी रखने वालों और कुछ टॉप फूड कंपनियों से संपर्क किया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मैगी नूडल्स में जरूरत से ज्यादा लैड की मात्रा से पाए जाने पर बीते 5 जून को देशभर में उसकी बिक्री पर बैन लगा दिया था।

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