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मदरसे में राष्ट्रगान सिखाने पर शिक्षक की पिटाई, फतवा जारी

Wed, 06 Jan 2016 10:08 PM IST
Updated Wed, 06 Jan 2016 10:08 PM IST
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Madrasa teacher beating on teaching national anthem

(फोटो सौजन्य इंडिया टुडे)

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पश्चिम बंगाल में कुछ मौलवियों और कट्टरपंथी तत्वों ने एक मदरसा शिक्षक की महज इसलिए पिटाई कर दी कि वह बच्चों को राष्ट्रगान सिखा रहे थे। कुछ मौलवियों और उनके सहयोगियों ने इसे इस्लाम विरोधी बताकर काजी मासूम अख्तर पर हमला किया। मदरसे में राष्ट्रगान और तिरंगा फहराने पर अख्तर के खिलाफ फतवा भी जारी किया गया है।

अख्तर महानगर के मटियाबुर्ज इलाके में स्थित तालपुकुर आरा मदरसे के हेडमास्टर हैं। अख्तर ने बताया कि उनको पूरी तरह से इस्लामिक वेशभूषा में मदरसा आने को कहा गया है।
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उनके क्लीन सेव करने और जींस पहनने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। मारपीट के बाद अख्तर मदरसा नहीं गए हैं। उनका आरोप है कि मदरसे में अनुशासन बहाल करने की उनकी कोशिशों के चलते ही तमाम लोग उनकी जान के दुश्मन बन गए हैं।
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उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन को छह से भी ज्यादा पत्र भेजे हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

राष्ट्रगान को बताया हिंदूवादी गीत, दाढ़ी बढ़ाने की दी हिदायत

Madrasa teacher beating on teaching national anthem

मौलवियों ने अख्तर के खिलाफ जो फतवा जारी किया है, उसमें कहा गया है कि राष्ट्रगान एक हिंदुवादी गीत है। फतवा के मुताबिक, अख्तर अगर कुर्ता-पायजामा पहनकर और बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ मदरसा नहीं जाएंगे, तो उनको वहां घुसने नहीं दिया जाएगा।

मौलाना ने काजी से हर सप्ताह अपनी फोटो भेजने को कहा है कि ताकि पता चल सके कि उनकी दाढ़ी बढ़ रही है या नहीं। जमीयत उलेमा के उपाध्यक्ष मुफ्ती सैयद मिर्जाउद्दीन अबरार ने अख्तर से मारपीट को गलत बताया है।

कोलकाता के पुलिस आयुक्त ने इस मामले में अल्पसंख्यक आयोग को भेजे एक पत्र में कहा है कि सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए वह अख्तर को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की स्थिति में नहीं है।

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