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पीड़िता से सुलह के लिए बलात्कारी को जमानत

Wed, 24 Jun 2015 01:44 PM IST
Updated Wed, 24 Jun 2015 01:44 PM IST
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Madras HC gives bail to rapist

अपनी तरह का अनूठा फैसला सुनाते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने एक रेपिस्ट को पीड़िता से सुलह के लिए जमानत दे दी है। सूत्रों के अनुसार नाबालिग रेप पीड़िता के माता-पिता नही हैं और वह अब एक बच्चे को जन्म दे चुकी है।

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दरअसल मामले में आरोपी वी मोहन ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उसे कुडोलौर की महिला कोर्ट ने सन 2002 में सात साल की कैद और दो लाख का जुर्माना लगाया था, जबकि दो अन्य को रिहा कर दिया था। जज देवदास ने आरोपी को बेल देते हुए कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि आरोपी और पीड़िता के बीच समझौता हो सके।
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कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, ''हिंदू धर्म, इस्लाम और ईसाई धर्म में ऐसे उदाहरण मिलते हैं जब विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिशें हुई हैं और इसके रिजल्ट भी अच्छे मिले हैं क्योंकि इसमें किसी की जीत या किसी की हार का सवाल नहीं होता।''

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रेपिस्ट को करानी हो पीड़िता के लिए एफडी

Madras HC gives bail to rapist
जस्टिस देवदास ने कहा कि यह मामला मध्यस्‍ता के जरिए ही सुलझाया जाया जा सकता है।

मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुवल्लूर की जिला अदालत को मध्यस्थता करने का आदेश देते हुए यह भी कहा कि प्रक्रिया के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए की नाबालिग पीड़िता एक बच्चे की मां बन चुकी है और, इस पूरी घटना में बच्चे और उसकी मां का कोई दोष नहीं है। बच्चे को सामाजिक मान्यता मिलना बेहद जरूरी है।

आरोपी को पीड़िता के नाम एक लाख रुपए की एफडी भी करानी होगी ताकि उसको आर्थिक मदद मिल सके।

साथ ही जज ने आदेश दिया की दोनों तरफ के वकील इस मामले में मध्यस्ता कराने में सहयोग करें।
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