चलती गाड़ी से फेंका, फिर भी बची जान
एमपी के भिंड जिले में ग्वालियर-इटावा हाइवे पर चलते वाहन से नवजात बच्ची को फेंकने का मामला सामने आया है। वहां स्थित एक गैस एजेंसी के कर्मचारियों के कारण बच्ची की जान बच गई।
गैस एजेंसी के कर्मचारी बच्ची को तत्काल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की उम्र चार दिन है और उसे बेहद गंभीर चोटें आई हैं।
माना जा रहा है कि जैसे ही बच्ची को वाहन से फेंका गया वह झाड़ियों में गिरी जिसके कारण उसकी जान बचना मुमकिन हो सका। नवजात बच्चियों की हत्या और हत्या के प्रयास के मामले अक्सर जिले में सामने आते रहते हैं।
पिछली जनगणना के मुताबिक भिंड में 1000 लड़कों पर 838 लड़कियां हैं।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
गौतम जाटव, सीताराम भारत गैस एजेंसी में काम करते हैं। उन्होंने झाड़ियों के पास से गुजरते वक्त बच्चे के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने नजदीक जाकर देखा तो वहां एक नवजात बच्ची पड़ी थी जिसके शरीर से खून बह रहा था।
उन्होंने तत्काल पुलिस को फोन किया। पुलिस के मुताबिक," यह साफ है कि बच्ची को चलती वाहन से फेंका गया है।" पुलिस अब हाइवे पर लगे सीसीटीवी को खंगाल रही है ताकि कोई सुराग मिल सके।
22 सितंबर में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। भिंड के मलनपुर इलाके में बच्ची को फैक्टरी के पीछे फेंक दिया गया था लेकिन किस्मत से वह भी बच गई।