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मधुमिता हत्याकांड: मधुमणि की सजा बरकरार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2013 01:21 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने कवियत्री मधुमिता हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को मिली उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है।
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बृहस्पतिवार को शीर्ष अदालत ने मधुमणि की याचिका को खारिज कर दिया, जबकि पूर्व मंत्री की याचिका भी तकनीकी कारणों से पहले ही खारिज हो चुकी है।
लेकिन उन्होंने याचिका पर फिर से विचार करने का आवेदन किया है।
जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने मधुमणि की याचिका पर योग्यता के आधार पर सुनवाई करने के बाद इसे खारिज कर दिया।
हालांकि तकनीकी खामी के लिए दस हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। हाईकोर्ट में सीबीआई ने त्रिपाठी दंपति व अन्य दो आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की थी।
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जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मधुमणि की याचिका पर एजेंसी से जवाब तलब नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि अक्तूबर, 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमरमणि, उनकी पत्नी व अन्य दो को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
नैनीताल हाईकोर्ट ने गत वर्ष 16 जुलाई को अमरमणि, उनकी पत्नी और दो अन्य की उम्रकैद की सजा को जारी रखने का फैसला दिया था।
हाईकोर्ट ने त्रिपाठी दंपति के अलावा अमरमणि के भतीजे रोहित और करीबी रिश्तेदार संतोष राय की सजा को बरकरार रखते हुए तत्काल हिरासत में लिए जाने का आदेश भी दिया था।
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मधुमिता की हत्या 9 मई, 2003 को लखनऊ में उनके निवास पर गोली मारकर की गई थी।
इस मामले में प्रकाश चंद्र पांडेय पर मधुमिता को गोली मारने का आरोप था। लेकिन सबूतों के अभाव में अदालत ने उसे बरी कर दिया था।