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मधुबनी में हिंसा के बाद तनाव बरकरार
पटना/मधुबनी/एजेंसी
Updated Sun, 14 Oct 2012 09:58 PM IST
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बिहार के मधुबनी जिले में दो दिनों की हिंसा के बाद अब भी तनाव बरकरार है। स्थिति का जायजा ले रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अपनी दो अधिकार रैलियां रद्द कर दीं। वहीं, हिंसा और आगजनी के दौरान फरार हुए 27 कैदियों में से 21 कैदी शनिवार रात तक लौट आए। मुख्यमंत्री की बक्सर और भोजपुर जिलों में ये रैलियां करनी थीं। हालांकि बाद में अन्य मंत्रियों ने इन रैलियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री खुद मधुबनी की स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं।
गौरतलब है कि 18 वर्षीय प्रशांत का सिरकटा शव बरामद होने के बाद इस मामले के नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी और युवक का शव नहीं दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने अनशन शुरू किया था जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज किया था। इससे ग्रामीण और छात्र उग्र हो गए और कई थानों समेत सरकारी दफ्तरों को जला दिया था।
उन्होंने एक कैदी वाहन को भी जला दिया, जिसमें सवार एक पाकिस्तानी कैदी समेत 27 कैदी फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलियां चलाई थीं, जिसमें एक छात्र की मौत हो गई तथा सात से अधिक लोग घायल हो गए थे। वहीं, जयनगर में हुई पुलिस फायरिंग में घायल हुए तीन लोगों में से एक रविंद्र यादव की पटना मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाने के दौरान देर रात मौत हो गई।
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मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार हुए 27 में से 21 कैदी वापस लौट आए हैं जबकि पाकिस्तानी नागरिक हमीदुर्रहमान समेत छह कैदी अभी भी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर रही है।
कानून व्यवस्था बिगड़ी : भाजपा
बिहार में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। लोगों को जंगल राज लौटने का डर सताने लगा है। कई जिलों में हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद लोगों का विश्वास डिगा है। मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था दुरुस्त करने पर ध्यान देना चाहिए।
रामेश्वर चौरसिया, भाजपा विधायक
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गौरतलब है कि 18 वर्षीय प्रशांत का सिरकटा शव बरामद होने के बाद इस मामले के नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी और युवक का शव नहीं दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने अनशन शुरू किया था जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज किया था। इससे ग्रामीण और छात्र उग्र हो गए और कई थानों समेत सरकारी दफ्तरों को जला दिया था।
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उन्होंने एक कैदी वाहन को भी जला दिया, जिसमें सवार एक पाकिस्तानी कैदी समेत 27 कैदी फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलियां चलाई थीं, जिसमें एक छात्र की मौत हो गई तथा सात से अधिक लोग घायल हो गए थे। वहीं, जयनगर में हुई पुलिस फायरिंग में घायल हुए तीन लोगों में से एक रविंद्र यादव की पटना मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाने के दौरान देर रात मौत हो गई।
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मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार हुए 27 में से 21 कैदी वापस लौट आए हैं जबकि पाकिस्तानी नागरिक हमीदुर्रहमान समेत छह कैदी अभी भी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर रही है।
कानून व्यवस्था बिगड़ी : भाजपा
बिहार में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। लोगों को जंगल राज लौटने का डर सताने लगा है। कई जिलों में हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद लोगों का विश्वास डिगा है। मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था दुरुस्त करने पर ध्यान देना चाहिए।
रामेश्वर चौरसिया, भाजपा विधायक