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मधेसियों की नाकेबंदी का बनबसा बॉर्डर पर भी असर, घटा राजस्व

Fri, 13 Nov 2015 04:58 AM IST
Updated Fri, 13 Nov 2015 04:58 AM IST
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Madhesiya and Nepal border issue, Custom revenue decreases by 50 percent

मधेसी आंदोलन से प्रभावित हुई भारत से नेपाल को सामान की आपूर्ति का असर बनबसा बॉर्डर पर भी पड़ा है। सामान कम आने से जहां भंसार (कस्टम) विभाग का राजस्व घट गया है, वहीं रोजमर्रा के सामान की किल्लत भी होने लगी है। इधर, भंसार विभाग ने अब नेपाल आने वाले भारतीय टैक्सी वाहनों को महेंद्रनगर तक दी जाने वाली आवाजाही की निशुल्क सुविधा बंद कर दी है।

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मधेसी आंदोलनकारियों की नाकेबंदी से नेपाल में भारत से आने वाले दैनिक जरूरत के सामान की आपूर्ति करीब दो माह से प्रभावित है। पेट्रोलियम पदार्थ नहीं आने से वाहनों को जरूरत भर का ईंधन नहीं मिल पा रहा है। पूर्वी बॉर्डर पर उपजे इस हालात का असर बनबसा बॉर्डर से लगे क्षेत्र में भी पड़ने लगा है।

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राजस्व को भारी नुकसान

Madhesiya and Nepal border issue, Custom revenue decreases by 50 percent

डीजल-पेट्रोल की किल्लत से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। ईंधन के अभाव में कई गाड़ियां खड़ी हो गई हैं। गड्डचौकी के भंसार अधिकारी रामबहादुर बिक ने बताया कि भारत से आने वाले सामान से जहां हर दिन करीब 24 लाख रुपये का राजस्व मिल रहा था, वह अब घटकर 11 से 12 लाख रुपये रह गया है।

उन्होंने बताया कि नेपाल आने वाले टैक्सी वाहनों को भंसार विभाग द्वारा महेंद्रनगर तक दी जाने वाली निशुल्क सुविधा रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि महेंद्रनगर तक जाने वाले भारतीय टैक्सी वाहनों से अब 320 रुपये भंसार शुल्क वसूला जाएगा।

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