इसकी मिठास से मिटी मोदी-नवाज में खटास
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दक्षेस शिखर सम्मेलन में एक-दूसरे की तरफ न देखने वाले नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ को बृहस्पतिवार की रिट्रीट सेरेमनी के दौरान करीब लाने में मददगार बनी सुशील कोइराला की लंच डिप्लोमेसी।
नेपाली पीएम ने पूर्ण शाकाहारी रिट्रीट लंच में मोदी के लिए गुजराती बासुंदी संग जलेबी और शरीफ की पसंद के शाही टुकड़े खासतौर पर रखवाए। जाहिर है दो दिन की कशमकश के बाद पसंदीदा मिठाई सामने हो तो तमाम कड़वाहट तो दूर होनी ही थी।
यहीं दोनों पीएम ने हाथ मिला लिए। सार्क देशों के शासनाध्यक्षों के लिए पूर्ण शाकाहारी लंच के फायदे की ओर इशारा खुद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बृहस्पतिवार को अपने ट्वीट में कर दिया। उन्होंने लिखा है कि सभी जानना चाह रहे होंगे कि सार्क नेताओं ने रिट्रीट लंच में क्या लिया होगा?
शाकाहारी व्यंजन ही थे
तो जान लीजिए, धूलीखेल रिजार्ट में था शुद्ध शाकाहारी व्यंजन। उन्होंने पूरा मेन्यू भी अटैच किया है। इसमें नेपाली बताते हुए जो थाली का मेन्यू दिया है, वह किसी उत्तर भारतीय परिवार की पार्टी के पकवानों जैसा ही है।
आलू-बींस और फूलगोभी करी, मशरूम करी और सरसों दा साग। बाकी रेड-ब्राउन राइस और गेहूं की चपाती संग मसालेदार अचार। जब मेन्यू में मिष्ठान की बारी आई तो ध्यान में सबसे पहले आया गुजराती स्वाद।
सो मेज पर सजाई बासुंदी और मोदी की पसंद की गुजराती जलेबी। नेपाली मेजबान का मुख्य लक्ष्य था मेहमानों के होठों पर मिठाई घोलना इसलिए नवाज शरीफ के लिए शाही टुकड़ा और मालदीव के राष्ट्राध्यक्ष के लिए रखी फिरनी। नेपाली सिकरनी तो सबके लिए रखी ही थी।