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पुलिस कर ही है मेरठ रेप केस को कमजोर

Wed, 06 Aug 2014 06:12 PM IST
Updated Wed, 06 Aug 2014 06:12 PM IST
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lucknow police officer versions on merrut gang rape case

मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र की युवती से धर्म परिवर्तन और गैंगरेप के मामले में लखनऊ के पुलिस अफसरों के रूख ने सबको चौंका दिया है।

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एडीजी और आईजी कानून व्यवस्था दोनों ने युवती से रेप की बात को नकार दिया है।

मेरठ डीआईजी रेप की बात को स्वीकार कर चुके हैं और मेडिकल रिपोर्ट तक में रेप की पुष्टि मानी जा रही है। इसके बाद लखनऊ के अफसर किस आधार पर रेप की झुठला रहे हैं, यह समझ से परे है।

डीआईजी ने मानी दुष्कर्म की बात

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एडीजी (कानून व्यवस्था) मुकुल गोयल ने सोमवार को दावा किया था कि युवती का धर्म परिवर्तन तो हुआ, लेकिन उससे गैंगरेप नहीं। जबकि मंगलवार को आईजी (कानून व्यवस्था) अमरेंद्र सेंगर ने भी यही दावा कर दिया कि मेडिकल जांच रिपोर्ट में युवती से जबरन दुराचार की पुष्टि नहीं हुई है।

महत्वपूर्ण बात ये है कि डीआईजी रेंज के. सत्यनारायणा ने जानकारी दी कि धर्म परिवर्तन के साथ ही युवती से दुष्कर्म भी हुआ है। मंगलवार को डीआईजी ने कहा कि युवती का धर्मांतरण होने के साथ ही दुष्कर्म भी हुआ है।

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आईजी का दावा, नहीं निकाला गया कोई अंग

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युवती के शरीर से कोई अंग निकालने के सवाल पर मेरठ जोन के आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि युवती के शरीर से कोई अंग नहीं निकाला गया है। युवती का जो ऑपरेशन किया गया, वह मुजफ्फरनगर में किसी कुशल चिकित्सक द्वारा किया गया।

युवती से दुष्कर्म होने या न होने के सवाल पर आईजी बोले कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

युवती के धारा 164 के बयान, मेडिकल जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। उन्होंने शपथपत्र के आधार पर युवती का धर्मांतरण होना बताया। कहा कि यह काफी संवेदनशील मामला है। युवती ने अभी तक के जो बयान दिए हैं और शपथपत्र दिया है, उनकी गहनता से जांच की जा रही है।

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युवती का कहना, मेरे साथ दुष्कर्म हुआ

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युवती के पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में बताया गया था कि 23 जुलाई को मदरसे के हाफिज सन्नाउल्ला और ग्राम प्रधान नवाब ने साथियों के साथ युवती का अपहरण कर लिया।

हापुड़ स्थित मदरसे ले जाकर उससे गैंगरेप किया और जबरदस्ती उसका धर्म परिवर्तन करा दिया।

उसे पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी। वहीं, युवती ने पुलिस को बताया कि उसे हापुड़ के अलावा गढमुक्तेश्वर के गांव दौताई और फिर मुजफ्फरनगर तथा देवबंद स्थित मदरसे में बंधक बनाकर रखा गया। वहां उसे बेहोश रखने के लिए नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था।

युवती ने बताया कि मदरसे में उसके जैसी करीब 45-50 और भी युवतियां थीं। उनकी भी ऐसी हालत कर यहां बंधक बनाकर रखा गया है।

सभी को एक-एक कर सऊदी अरब में बेचने की तैयारी थी। रविवार को किसी तरह मौका पाकर वहां से फरार हो गई और बस से भैसाली बस अड्डा पहुंचकर किसी राहगीर से मोबाइल फोन लेकर परिजनों को पूरा प्रकरण बताया।

मंगलवार को भी युवती अपने मेडिकल परीक्षण के दौरान दुष्कर्म होने की जानकारी दी थी।

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