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दिल्ली के उपराज्यपाल की केजरी को दो टूक
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 10 Feb 2014 06:43 PM IST
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जनलोकपाल बिल को लेकर सियासी गहमागहमी के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने अपना जवाब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेज दिया है।
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उपराज्यपाल ने कहा, 'नियम के मुताबिक बिल मुझे भेजा जाना चाहिए था, लेकिन वह नहीं हुआ। इस पूरे मसले में संविधान का पालन होना जरूरी है।'
जंग ने केजरीवाल सरकार से कहा, 'वह बिल को लेकर एक बार फिर से अपने कदम पर विचार करे। सरकार की प्राथमिकता है कि वह कानून-व्यवस्था और भीड़ को काबू करने पर ध्यान दे।'
इससे पहले नजीब जंग ने सॉलिसटर जनरल के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय से भी इस पर अपनी राय देने को कहा।
जंग ने मंत्रालय से पूछा कि क्या केजरीवाल सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह बिल को केंद्र सरकार के पास भेजने के बजाय दिल्ली विधानसभा में इसे पेश करे। इस पूरे मसले पर कोई भी संवैधानिक विवाद से बचना चाहिए।
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केजरीवाल सरकार का साफ कहना है कि जनलोकपाल बिल को केंद्र के पास भेजने की जरूरत ही नहीं है। वहीं बीजेपी और कांग्रेस का कहना है कि बिल की मंजूरी में ट्राजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स (टीबीआर), 2002 का पालन होना चाहिए।
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इससे पहले केजरीवाल सोमवार दोपहर में उपराज्यपाल से मिले थे।
इस मुलाकात के कुछ देर बाद ही राजनिवास की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री के सात फरवरी को उपराज्यपाल को लिखे पत्र का जवाब दिया गया।
जनलोकपाल विधेयक पारित नहीं होने की स्थिति में इस्तीफा देने की धमकी दे चुके केजरीवाल ने राजनिवास में मुलाकात की थी।
उपराज्यपाल ने लिखा कि भ्रष्टाचार पर लगाम बहुत महत्वपूर्ण है। वह सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को काबू करने के लिए मुख्यमंत्री के विचारों से सहमत है, लेकिन इसके लिए संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है।
उपराज्यपाल ने कहा कि इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही के लिए दिल्ली पुलिस तैयार नहीं है। जनता दरबार का जो हश्र हुआ है वह किसी से छिपा नहीं है।
पुलिस का कहना है कि स्टेडियम में आने वाले लोगों की पहचान और इनमें से ऐसे को अलग कर पाना मुश्किल होगा जो गड़बड़ी फैला सकते हैं।