केजरीवाल ही नहीं हैं सादगी के 'सुपरस्टार'
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बंगले पर बवालः डुप्ले नहीं लेंगे सीएम केजरीवाल
भाजपा हो या माकपा या फिर तृणमूल हर पार्टी में कोई न कोई ऐसा नेता है जो लाल बत्ती, लक्जरी कारों और आलीशान बंगलों से इतर लो प्रोफाइल रहकर काम कर रहे हैं। बस वह अरविंद केजरीवाल की तरह मीडिया की सुर्खियां नहीं बने हैं।
देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री मानिक सरकार
देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री कहे जाने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक सरकार दो कमरों के छोटे से मकान में रहते हैं।
1998 से लगातार चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने सरकार को तो देश के बाकी नेताओं की तरह अकूत संपत्ति और भड़काऊ जीवन शैली छू तक नहीं गई है। उनके पास महज ढाई लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है।
राज्य विधानसभा चुनाव के समय दिए गए हलफनामे में उनके पास महज 1080 रुपये नकद और 9720 रुपये बैंक बैलेंस था। पार्टी की ओर से सिर्फ 5000 रुपये में खर्चा चलाने वाले और पैदल सचिवालय जाने वाले सरकार सही अर्थों में वामपंथी हैं।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
सूती साड़ी, पैरों में हवाई चप्पल, कंधे पर कपड़े का थैला और चेहरे पर आम आदमी जैसे संघर्ष के भाव कुल मिलाकर यही पहचान है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की।
34 साल से राज्य की सत्ता पर काबिज वाम मोर्चे की सरकार को 2011 में हटाकर राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने वाली ममता अपनी राजनीति की वजह से कद्दावर नेताओं की जमात में आगे खड़ी हैं।
फैसले लेने में विरोधी उन्हें तानाशाह भले ही कहते हों, मगर उनकी ईमानदारी बाकी नेताओं के लिए एक मिसाल भी है।
एक और 'आईआईटी' सीएम: मनोहर पार्रिकर
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर साधारण रहन-सहन में यकीन रखते हैं। हाल ही में उन्हें कार्यालय जाने के लिए एक शख्स से स्कूटर पर लिफ्ट लेते देखा गया।
आईआईटी मुंबई से स्नातक पार्रिकर के कार्यकाल में बड़े-बडे़ अधिकारी भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बख्शे नहीं जाते हैं।
जनता से अपनी ई मेल आईडी के जरिये खुद संवाद करने वाले पार्रिकर के पास न तो लालबत्ती की गाड़ियों की लंबी कतारें हैं और न ही वीवीआईपी सुरक्षा की तामझाम। वह मीडिया और कैमरों की नजर से दूर ही रहना पसंद करते हैं।
चावल वाले 'बाबा': रमन सिंह
चाऊर वाले बाबा के नाम से मशहूर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी सादगी की एक मिसाल हैं। रोजाना सरलता के साथ जनता दरबार करने वाले और लोगों की समस्याओं को सुनने वाले रमन ने अपने लिए लालबत्ती भी नहीं ली है।
नक्सल प्रभावित इलाके में चलने की वजह से भले ही वह एनएसजी कमांडो से घिरे रहते हों, मगर उनसे आम आदमी का मिलना बेहद आसान माना जाता है।
हाल ही में राज्य विधानसभा चुनाव में तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले रमन आज भी आदिवासी लोगों में डॉक्टर साब के नाम से मशहूर हैं।
शिवराज सिंह चौहान
माताओं, बहनों के बीच भइया और बच्चों व युवाओं के बीच मामा के नाम से लोकप्रिय शिवराज बेहद सरल और पक्के इरादों वाले मुख्यमंत्री हैं।
हाल ही में राज्य विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने वाले शिवराज बेहद महिलाओं के सशक्तिकरण के खासे हिमायती हैं।