अजब प्रेम की गजब कहानी, 4 बार दुल्हन बनी ये प्रेमिका
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बलिया के नरहीं में एक प्रेमी युगल ने तीन साल में चार बार शादी रचाई। दो बार मंदिर में, एक बार कोर्ट में और एक बार बकायदा विधि-विधान से मंडप में। जहां तक प्रेमिका की बात है तो पहली बार वह गाजीपुर में पति के साथ छिपकर रही। बालिग न होने से एक साल उसे जेल में गुजारना पड़ा।
दूसरी बार मंदिर में शादी कर वह फिर पत्नी बनी। तीसरी बार कोर्ट में कानूनी तौर पर और चौथी बार जब दोनों के परिवार वाले मान गए तो विधिवत बहू बनकर नरहीं स्थित ससुराल पहुंच गई।
नरहीं निवासी चंद्रिका राम के पुत्र जितेंद्र की शादी तीन साल पहले बहादुरकारी गांव में हुई थी। उसमें नगरा क्षेत्र के कोदई गांव निवासी प्रेमचंद्र संत की पुत्री सुनीता भी गई थी। वहां जितेंद्र के छोटे भाई उपेंद्र से सुनीता की दोस्ती हो गई। बाद में मोबाइल पर बात करते-करते दोनों में प्रेम हो गया।
लड़की निकली नाबालिग, पुलिस ने भेजा जेल
इसकी भनक जब लड़की के पिता को लगी तो वे उसे लेकर दिल्ली चले गए, जहां वह काम करते हैं। इसी बीच उपेंद्र और सुनीता ने शादी करने का फैसला कर लिया। सुनीता दिल्ली से अकेले ट्रेन पकड़कर बक्सर स्टेशन पहुंच गई।
वहां से उपेंद्र उसे लेकर कोरंटाडीह स्थित मंगला भवानी मंदिर पहुंचा। वहां दोनों ने शादी की और फिर गाजीपुर के सियाड़ी गांव में उपेंद्र अपनी बहन के यहां पत्नी के साथ छिपकर रहने लगा।
उधर, दिल्ली के ओखला में प्रेमचंद्र संत ने उपेंद्र के खिलाफ अपनी बेटी के अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। दिल्ली पुलिस लड़की की तलाश में नरहीं पहुंची। वह दोनों को पकड़कर दिल्ली ले गई। स्कूल के प्रमाणपत्र के अनुसार लड़की की उम्र 17 साल थी, जबकि लड़का बालिग था। दिल्ली पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया।
...और फिर गाजे-बाजे के साथ हुई शादी
इधर जब लड़की 18 साल की हुई तो उसने कोर्ट से शादी करने की इजाजत मांगी। दिल्ली कोर्ट ने उसे बलिया में कोर्ट मैरिज करने का आदेश दिया। इसके बाद सुनीता-उपेंद्र बलिया लौटे और उन्होंने दूसरी बार भृगु मंदिर में शादी की। इसके बाद दोनों ने शादी को कानूनी जामा पहनाने के लिए तीसरी बार बलिया में ही कोर्ट मैरिज कर ली।
इधर दोनों का प्रेम देख लड़की के पिता भी नरम पड़ गए। उन्होंने उपेंद्र के पिता से आग्रह किया कि हम चाहते हैं कि गाजे-बाजे के साथ आप बारात लेकर आएं और दोनों की विधिवत शादी करा दी जाए।
इसके बाद 21 जून को उपेंद्र की बारात आई और दोनों के परिवार वालों की मौजूदगी में चौथी बार शादी हुई। साथ जीने-मरने की कसम पहले ही खा चुके प्रेमी युगल ने इस बार अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए और 22 जून को सुनीता नरहीं स्थित अपने ससुराल चली गई।