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सहारनपुर में 'लव जिहाद' की दवा हैं बाबा रिजकदास

Sat, 02 Aug 2014 05:18 PM IST
Updated Sat, 02 Aug 2014 05:18 PM IST
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिदूं और मुस्लिमों के बीच लगातार दूरियां बढ़ती ही जा रही हैं। ये दूरी कितनी बढ़ गई है, सहारनपुर में हिदूं अभिभावक अपनी बेटियों को मुस्लिम लड़कों के प्रभाव से बचाने के लिए साधु-बाबाओं का सहारा ले रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि प्रदेश में हिंदुओं के खिलाफ 'लव जिहाद' है।

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इकॉनामिक टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हाल में भड़की हिंसा के दौरान कर्फ्यू और तमाम खतरों के बीच बागपत के राजन सिंह का परिवार शहर पहुंचा। राजन सिंह अपनी बेटी के इलाज के लिए सहारनपुर आए।
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बाद में पता चला कि यह इलाज किसी अस्पताल में नहीं बल्कि बाबा रिजकदास के यहां होना था। राजन सिंह की बेटी की बीमारी आम नहीं है, वह अपनी बेटी के सर से एक मुस्लिम लड़के के प्यार का भूत उतरवाने आए हुए हैं। सहारनपुर में बाबा रिजकदास इसी बीमारी का इलाज करते हैं।

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मिनरल वाटर और चावल से ठीक करते हैं बाबा

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सहारपुर में बाबा रिजकदास को हिंदू समाज का रक्षक कहा जाता है। रिजकदास के सामने आते ही राजन कहते हैं कि मेरी 17 साल की बेटी एक मुस्लिम लड़के प्रभाव में आ गई है। वह कहती है कि इस लड़के शादी करेगी। लड़की मोबाइल मेसेजेस के जरिए उससे बात करती है और एक बार लड़के के साथ देखी भी गई है।

अब उसका मोबाइल छीन लिया गया है और घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। यह सिर्फ राजन सिंह की कहानी नहीं है। ऐसे कई अभिभावक हैं जो अपनी बेटियों के इलाज के लिए बाबा के पास आते हैं। कहा जाता है कि बाबा हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़कों के प्रेम से मुक्त करवाने के विशेषज्ञ हैं।

यहा का हिंदू समाज मानता है कि यह उनके खिलाफ छेड़ा गया लव जिहाद है। मुस्लिम लड़के उनकी लड़कियों को प्यार के जाल में फंसा रहे हैं। ऐसी ही लड़कियों को बाबा के पास इलाज के लिए लाया जाता है। बाबा पवित्र मिनरल वाटर की एक बोतल और चावल के जरिए उन्हें ठीक कर देते हैं।

भाजपा के मुताबिक 250 मामले सामने आए

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61 साल के बाबा रिजकदास को सहारनपुर और आस-पास के हिंदू परिवार बहुत मानते हैं। रिजकदास कहते हैं कि यह हमारे परिवारों को बर्बाद करने की मुस्लिमों की साजिश है। वह हमारी बेटियों को सम्मोहित कर देते हैं। यहां तक कि वे इस पानी को छूने से भी इनकार करती हैं। ऐसी स्थिति में हम बल का इस्तेमाल करते हैं। बाकी मामलों में हम मंत्रों के जरिए काले जादू को खत्म करते हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़े तनाव के बीच लव जिहाद जैसी बातों पर लोगों के शक को और गहरा कर दिया है। सहारनपुर के भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय के मुताबिक सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर इलाकों में पिछले एक साल में लव जिहाद के 250 मामले सामने आए हैं।

सहारनपुर के बीजेपी एमपी राघव लखनपाल कहते हैं कि यह हिंदू महिलाओं खासकर नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाए जाने का सुनियोजित अभियान है। लखनपाल कहते हैं कि पिछले कुछ महीनों में स्थिति और खराब हुई है।

ऐसी घटनाओं से बढ़ता है ध्रुवीकरण

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लखनपाल के परिवार का एनजीओ महिला सहयोग समिति घर से भागने वाली लड़कियों को वापस आने की सलाह देता है। लखनपाल कहते हैं कि हम जानते हैं कि यह सुनियोजित है क्योंकि गरीब घरों के लड़कों को भी पैसे, कार, भागने के लिए टिकट, रहने के लिए जगह दी जाती है। निकाह का इंतजाम भी किया जाता है। यह समुदाय के समर्थन के बिना संभव नहीं हो सकता है।

वहीं दूसरी और एक इंजीनियरिंग के छात्र मोहम्मद अंसारी का कहना है कि दोनों समुदाय युवाओं पर नजर रखते हैं। पूर्व प्रोफेसर सईद बुखारी कहते हैं कि सहारनपुर के मदरसों में सिखाया जा रहा है कि लड़के पब्लिक जगहों पर अपनी आंखें नीचे रखें। उनका कहना है कि अविश्वास इस कदर गहरा होता जा रहा कि  आप कहीं भी एक हिंदू लड़की को किसी मुस्लिम लड़के से बात करते नहीं देखेंगे।

जेएनयू की सेंटर ऑफ पॉलिटिकल स्टडीज में प्रोफेसर सुधा पाई उत्तर प्रदेश पर कई साल से अध्ययन करती रही हैं। वह कहती हैं कि ऐसी घटनाओं के बढ़ने से उस क्षेत्र में गहराते ध्रुवीकरण को साफ देखा जा सकता है। ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वालों को मंत्री पद का इनाम मिल रहा है।

सहारनपुर में एसपी धर्मवीर सिंह मानते हैं कि यह सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और डर पैदा करने की कोशिश है। उनका कहना है कि मुस्लिम समाज में तो ऐसे जोड़ों को थोड़ी बहुत स्वीकार्यता मिली भी है लेकिन हिंदू इसे एक षड्यंत्र के तौर पर ही देखते हैं।

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