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लव जेहाद: मोबाइल से खुली पति की पोल

Wed, 10 Sep 2014 12:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल Updated Wed, 10 Sep 2014 12:27 PM IST
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love jehad case in sambhal up

लगुन चढ़ी, गाजेबाजे से बारात आई और सात फेरे लेकर मुस्लिम युवक ने सात जन्मों तक पत्नी का साथ निभाने की कसमें भी खाईं। इसके बाद वह चार महीने तक ससुराल में घर जमाई बनकर रहता रहा। मंगलवार को पति के मोबाइल पर फीड नंबरों पर फोन करने पर पत्नी को पता लगा कि उसका पति मुस्लिम है तो हंगामा हो गया। युवती की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। लव जेहाद का यह सनसनीखेज मामला संभल के नखासा थाना क्षेत्र के एक गांव का है।

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पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साढ़े तीन साल पहले एटा में साकार विश्व हरि के सत्संग में जाते समय उसकी मुलाकात गजरौला में किराए पर रहने वाले युवक से हुई थी। युवक ने अपना नाम गुड्डू पुत्र हरदयाल निवासी दिल्ली बताया। इसके बाद दोनों में मुलाकातें होने लगीं। नजदीकियां बढ़ीं तो युवती ने युवक की मुलाकात अपने परिजनों से कराई। इसके बाद युवती के परिवार वाले शादी के लिए तैयार हो गए।
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11 मई 2014 को गाजेबाजे के साथ गुड्डू बारात लेकर आया। उसमें उसके साथी व रिश्तेदार भी थे। हिंदू रीति रिवाज से शादी हुई। लड़की के घरवालों ने दहेज भी दिया। इसके बाद युवक पत्नी को गजरौला ले गया। लेकिन बाद में युवती, जिद करके पति को अपने मायके ले आई। गुड्डू घर जमाई बनकर रहने लगा।
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इस दौरान वह हिंदू परंपरा के अनुसार सत्संग जाता और मंदिर में पूजा अर्चना करने लगा। दो दिन पहले युवती का पति से झगड़ा हुआ। तब युवती ने बाइक की चाबी ले ली। युवक ने झगड़े के दौरान कुछ ऐसी बातें कहीं, जिससे पत्नी को संदेह हुआ। उसने पति का मोबाइल देखा और उसमें फीड नंबरों पर फोन किया तो गुड्डू की हकीकत उजागर हुई। पता लगा कि गुड्डू का असली नाम मुख्तियार उर्फ बब्बू निवासी मनौटा थाना असमोली है। तब युवती ने हंगामा कर दिया। थाने पहुंचकर तहरीर भी दी। पुलिस ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी जगवीर सिंह अत्री ने बताया कि युवती की तहरीर पर जातिधर्म छिपाकर धोखे से शादी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

युवती को दिल्ली ले जाने का दबाव बना रहा था बब्बू

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नखासा थाना क्षेत्र में हिंदू रीति रिवाज से शादी करने वाला युवक चार महीने से घर जमाई बनकर रहा था। पिछले दो महीने से वह युवती को दिल्ली ले जाने का प्रयास कर रहा था और दो हफ्तों से तो दिल्ली नहीं चलने पर उसने उसे छोड़ देने की धमकी भी देनी शुरू कर दी थी। इसी बीच एक फोन नंबर से युवती को अपने पति की असलियत का पता चला गया। युवती ग्रेजुएट है जबकि बब्बू आठवीं पास है।

रिठाली और मनौटा के बीच की दूरी सिर्फ बारह किमी है। हैरत की बात है कि गाजेबाजे के साथ बारात आई, दावत हुई, सैकड़ो लोग शादी में शामिल हुई, यह दीगर बात है कि दूल्हा बने बब्बू के माता पिता भाई कोई शामिल नहीं था, सिर्फ यार दोस्त ही बाराती थे लेकिन फिर भी उसकी पहचान कोई नहीं कर सका। इसके बाद चार महीने से वह लगातार ससुराल में रिठाली रह रहा था, फिर भी किसी ने नहीं पहचाना।

यूं तो बब्बू अपनी पत्नी को दिल्ली ले जाने के लिए दो महीने से कह रहा था लेकिन दो हफ्ते से अधिक दबाव बनाने लगा। एक दिन रात को आई फोनकॉल से उसे शक हुआ। उसी नंबर पर फोन करके पूछताछ की तो सारा चिट्ठी खुल गया। पता लगा कि बब्बू का घर तो मनौटा में है लेकिन उसके परिजन दिल्ली में ही रहते हैं। वह उन्हीं के पास उसे भी ले जाकर रहने की योजना बना रहा है।

बब्बू का कहना है

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वह बस लेकर सत्संग में एटा गया था, वहां युवती के मौसा खो गए। जिनकी तलाश कराने में उसने युवती की मदद की। उसके बाद युवती उसे बहादुरपुर आश्रम ले गई। फिर संभल तहसील कार्यालय पर बुलाया, एक प्रमाण पत्र बनवाने में उसने मदद की। फिर एक दिन युवती डेंटल कालेज मुरादाबाद ले गई। इसके वह युवती अपने घर पर बुलाने लगी। माता पिता से मिलवाया। युवती ने ही उससे कहा कि अपना नाम गुड्डू पुत्र हरदयाल बता दो। तभी शादी संभव है। इसके बाद 11 मई को वह बारात लेकर आया। दहेज में बाइक, फ्रिज, फर्नीचर आदि काफी सामान दिया लेकिन दूसरे दिन ही सारा सामान डीसीएम में भरवाकर फिर रिठाली ले आई, उसे घर जमाई बनाकर रख लिया। अब पता नहीं क्योंकि अचानक रिश्ता तोड़ने लगी। मेरे परिवार पहले ही कह चुके हैं कि तू हिंदू हो गया है, तेरे से मेरा कोई रिश्ता नहीं।


युवती बोली-

मैं एटा के डिग्री कालेज में स्नातक कर रही थी, वहीं वह सत्संग में भी जाती थी, बब्बू सत्संग के श्रद्धालुओं को लेकर एटा जाता था। तीन साल पहले मेरे मौसा खो गए. मेरे मोबाइल का बैलेंस भी खत्म हो गया तो मैने बब्बू के मोबाइल फोन से अपने परिजनों को सूचना दी। उसके मोबाइल में मेरा नंबर चला गया। दो दिन तक तो यह मौसा मिले या नहीं मिले पूछता रहा। फिर उसने अपना नाम गुड्डू बताकर बातें शुरू कर दी। मिलना जुलना शुरू हो गया तो शादी कर ली लेकिन अब वह दिल्ली ले जाने को दबाव देने लगा तो शक होने पर मुझे वास्तविकता का पता चला।

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