डकैतों ने एमपी के वित्त मंत्री की पत्नी को भी नहीं बख्शा
जबलपुर से निजामुद्दीन जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस में मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री की पत्नी और दो अन्य यात्रियों के साथ बुधवार रात्रि में करीब तीन बजे कोसी से होडल स्टेशन के मध्य दस हथियारबंद बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया। वहीं दूसरी ओर फरह के समीप रात्रि में दक्षिण एक्सप्रेस में भी लुटेरों ने दो व्यक्तियों को लूट लिया।
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया अपनी पत्नी सुधा मलैया के साथ गोंडवाना एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच से नई दिल्ली में होने वाली एक मीटिंग में भाग लेने के लिए जबलपुर से निजामुद्दीन जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस में जा रहे थे।
सुधा मलैया के अनुसार, रात्रि में करीब तीन बजे उनकी ट्रेन पहले वृंदावन रोड स्टेशन के पास और फिर कोसी के समीप रुकी। इसी दौरान उनके केबिन को किसी ने खटखटाया। उन्हें लगा कि शायद कोच अटेंडेंट होगा तो उन्होंने दरवाजा खोल दिया। तभी अचानक चार-पांच बदमाशों ने खंजर, चाकू और तमंचा के बल पर उन्हें धमकाते हुए सोने की अंगूठी, नगद पचास हजार रुपए छीन लिए। यहां लूटपाट करने से पूर्व बदमाशों ने दो अन्य केबिनों में अभिजीत ठाकुर से एक मोबाइल, एक सोने का ब्रेसलेट, सोने की चेन लॉकेट सहित, सेमसंग का टेबलेट, नगद 11 हजार रुपए, तीन क्रेडिट कार्ड, तीन एटीएम, पेनकार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस एवं कमलपुष्प श्रोती से सोने की चेन मय लॉकेट और नगद 70 हजार रुपए लूट लिए। इसके बाद चेन पुलिंग कर भागने लगे।
बताया जा रहा है कि अभिजीत ठाकुर और कमलपुष्प श्रोति हाईकोर्ट में बाबू पद पर कार्यरत हैं। ट्रेन के रुकने पर ट्रेन में मौजूद आगरा के आरपीएफ स्क्वायड ने बदमाशों पर टॉर्च की रोशनी करते हुए ललकारा। इस पर बदमाशों ने आरपीएफ कर्मियों पर पथराव किया तो जवानों ने भी फायरिंग की थी। इसके बाद भी बदमाश भागने में सफल रहे। घटना का मुकदमा निजामुद्दीन जीआरपी में निल पर दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री जयंत मलैया ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु से भी मुलाकात की।
गनर और पीए थे स्लीपर कोच में
वित्त मंत्री जयंत मलैया के साथ उनके गनर और पीए भी थे। इनका रिजर्वेशन एसी कोच में कन्फर्म न होने के चलते यह स्लीपर से यात्रा कर रहे थे।
पीड़ित के बयान में एस्कार्ट के नहीं पहुंचने का है आरोप
जबलपुर-हजरत निजामुददीन एक्सप्रेस में गुरुवार को लूट की घटना के दौरान ट्रेन में चल रहे आरपीएफ एस्कार्ट की बदमाशों से मुठभेड़ की कहानी पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान फायरिंग की गई लेकिन यात्रियों को मालूम नहीं पड़ा।
जीआरपी चौकी प्रभारी जेपी अशोक के अनुसार जबलपुर-हजरत निजामुददीन एक्सप्रेस में हाकिम सिंह, बलवीर सिंह और लक्ष्मीनारायण एस्कार्ट के रूप में चल रहे थे। इस टीम ने लूट के बाद कोसीकलां में ट्रेन को रोककर बदमाशों को पकड़ने के प्रयास की बात कही है। बताया गया कि बदमाशों ने इस दौरान ट्रेन पर पथराव किया। जवाबी कार्रवाई में सिपाहियों ने फायरिंग की। लेकिन बदमाश भाग निकले।
जांच टीम को ऐसी जानकारी नहीं मिली। घटनास्थल के पास नगर पालिका के ट्यूबवैल पर तैनात कर्मचारी विजय सिंह ने जांच टीम को बताया कि वे पूरी तरह से जगे हुए थे। लेकिन तीन से चार बजे तक के बीच में कोई फायरिंग की आवाज, यहां तक कि कोई शोर शराबा नहीं सुना।
लूट का शिकार वकील अभिजीत ठाकुर की तहरीर भी इस कहानी पर सवाल करती है। तहरीर के मुताबिक रात में 3:30 बजे बदमाशों ने उनसे लूट की। जिसके फौरन बाद उन्होंने दो बार चैन पुलिंग की। गाड़ी दोनों ही बार रुकी लेकिन कोई मदद को नहीं आया। कोसी की आरपीएफ और जीआरपी को घटना की सूचना 4:11 बजे दी गई। समय रहते सूचना मिलती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।