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डीआईजी कर रहे थे निगरानी, वहीं ट्रेन में लुट गई महिला

Wed, 23 Apr 2014 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Wed, 23 Apr 2014 10:40 PM IST
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loot in muradabad passenger train

लखनऊ मेल समेत चार ट्रेनों में डकैती की आंच ठंडी भी नहीं हुई कि जंक्शन पर मुरादाबाद-काशीपुर पैसेंजर ट्रेन में एक महिला के जेवर लुटेरों ने साफ कर दिए।

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प्लेटफार्म नंबर सात पर जब वह ट्रेन में चढ़ रही थी तभी किसी ने बड़े बैग में रखा जेवर का बाक्स झटके से निकाल लिया। जब तक वह कुछ समझ पाती लुटेरा फरार हो चुका था।
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दुस्साहस का आलम यह है कि जिस वक्त यह वारदात हुई डीआईजी जीआरपी दलवीर सिंह सभी अफसरों को लेकर स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। महिला ने जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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बैग की चैन खुली, बॉक्स गायब

loot in muradabad passenger train

बंगलागांव निवासी रौबिन की पत्नी पुष्पादेवी अपने भाई की शादी में काशीपुर जा रही थीं। काशीपुर पैसेंजर ढाई बजे प्लेटफार्म सात से रवाना होती है। उसी वक्त पर ट्रेन में सवार होने के लिए पहुंची थीं।

उस समय गेट पर भीड़ थी लिहाजा वह यात्रियों के बीच से ही ऊपर चढ़ने लगीं। उनके बड़े बैग में जेवर का छोटा बाक्स था जिसने एक सोने की चेन, अंगूठी, चांदी का सेट सिक्के थे।

अचानक बैग को झटका लगा तो वह समझीं की भीड़ की वजह से लगा होगा लेकिन जब ट्रेन में बैग की चेन खुली देखी तो अवाक रह गईं। जेवर का बाक्स गायब था।

भीड़ में गुम हो गया लुटेरा

loot in muradabad passenger train

चीखती हुईं इधर-उधर दौड़ीं लेकिन लुटेरा तब तक भीड़ में गुम हो गया था। लखनऊ मेल में डकैती के बाद डीआईजी दलवीर सिंह यहीं कैंप किए हुए हैं।

वह दल बल के साथ स्टेशन पर ही उस वक्त निरीक्षण कर रहे थे। लुटेरों का दुस्साहस इस कदर बढ़ा हुआ है कि उन्होंने अफसरों की मौजूदगी को भी नजरंदाज किया और लगातार दूसरे दिन भी लूट को अंजाम दिया।

बाद में महिला ने जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश

loot in muradabad passenger train

लखनऊ मेल समेत चार ट्रेनों मे हुई लूट की घटना ने यात्रियों को तो दहशत में भर ही दिया है जिम्मेदार अफसरों को भी हिलाकर रख दिया है। बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली और गाजियाबाद के लिए चार टीमें बनाई गई हैं जिन्होंने ताबड़तोड़ दबिश देकर कुछ चिह्नित बदमाशों को उठाया है।

पूछताछ जारी है लेकिन किसी नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंची है। डीआईजी जीआरपी दलवीर सिंह यादव खुद मुरादाबाद में रात से ही कैंप किए हुए हैं। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक करने के बाद निरीक्षण भी किया। ट्रेनों में फोर्स बढ़ाने की कवायद की जा रही है।

सोमवार की देर रात लखनऊ मेल अप और डाउन समेत चार ट्रेनों को लुटेरों ने निशाना बनाया था।

एसी बोगियों में हुई थी जमकर लूटपाट

loot in muradabad passenger train

ट्रेनों पर पत्थर बरसाकर एसी बोगियों में जमकर लूटपाट की गई थी। कई यात्री घायल भी हुए थे। लुटने वाले यात्री गाजियाबाद, दिल्ली और लखनऊ के थे। घटना के बाद से खलबली मची हुई है। डीआईजी दलवीर सिंह यादव मंगलवार की रात मुरादाबाद पहुंच गए। बुधवार को भी वह मुरादाबाद में ही जमे रहे।

एसपी रेलवे व अन्य अफसरों के साथ उन्होंने कई दौर की बैठक के बाद एक्शन प्लान बनाया। चार टीमें कल ही बना दी गई थीं। इन टीमों ने बरेली और दिल्ली गाजियाबाद में कई जगह दबिश दी। कुछ को उठाने की बात कही जा रही है। पूछताछ भी हो रही है लेकिन गैंग को ट्रेस नहीं किया जा सका है। मुरादाबाद जेल में भी बंद कुछ पुराने ट्रेन लुटेरों से पूछताछ हुई ताकि सिरा निकल सके लेकिन कुछ हाथ नहीं आया।

डीआईजी दलवीर सिंह ने बताया कि जिस तरीके से घटनाओं को अंजाम दिया है, वे पिछले दिनों में मुरादाबाद यार्ड में हो चुकी घटनाओं से मेल खा रही है। इस घटना के पीछे पूरा काम एक ही गैंग का है यह साबित हो चुका है पूछताछ जारी है जल्द ही खुलासा संभव है।

जेल में बंद लुटेरों से मिलेगा डकैती का सुराग

loot in muradabad passenger train

मुरादाबाद में चार वीआईपी ट्रेनों में डकैती के खुलासे के लिए पुलिस ने अब बरेली जेल में बंद लुटेरों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। लुटेरों तक पहुंचने के लिए जमानत पर रिहा हुए बदमाशों पर नजरें गड़ाई जा रही हैं। इसके लिए इलेक्ट्रानिक्स सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।

ट्रेन डकैती की वारदात का खुलासा करने के लिए मंगलवार रात डीआईजी रेलवे दलवीर सिंह ने चार टीमों का गठन किया था। एक टीम को बरेली में लगाया है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने के लिए जेल का रुख कर दिया है। यहां बंद ट्रेन लुटेरों का विवरण इकट्ठा किया जा रहा है। पुलिस दो महीने में जमानत पर जेल से बाहर आए बदमाशों का ब्योरा भी एकत्र कर रही है जिससे उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके।

भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार पुलिस को को सबसे ज्यादा कोर्ट की तारीख पर आने वाले बदमाशों से डकैती का क्लू मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि कोर्ट में मुलाकात के दौरान भी बदमाशों ने ट्रेन में वारदात की योजना बनाई होगी। इधर, पुलिस इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए मुरादाबाद स्टेशन से आउटर और आसपास के इलाके में रात 11 से सुबह तीन बजे के बीच इस्तेमाल मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालकर संदिग्ध नंबरों का पीछा किया जा रहा है।

आउटर पर रात में खड़ी न हो ट्रेनें

loot in muradabad passenger train

ट्रेनों में बढ़ती आपराधिक वारदातों के बाद पुलिस की नींद उड़ी हुई है। पुलिस का मानना है कि आउटर पर ट्रेनों के खड़े होने से वारदात की आशंका ज्यादा रहती है। जीआरपी ने रेलवे के आला अफसरों को रात की ट्रेनों को आउटर पर नहीं रोकने का सुझाव दिया है।

पुलिस का मानना है कि स्टेशन पर गाड़ी पहुंचने से पहले ट्रेन की रफ्तार धीमी पड़ने पर आपराधिक वारदातों का खतरा अधिक रहता है। बदमाश बैग छीनकर या लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के लिए यहीं से ट्रेन में चढ़ते उतरते हैं। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक अस्सी फीसदी से ज्यादा स्टाफ के चुनाव ड्यूटी पर चले जाने से रात की पेट्रोलिंग में दिक्कत हो रही है।

उधर, चनेहटी से लेकर सीबीगंज और रेलवे लाइन से सटे इलाकों में बदमाशों की बढ़ी सक्रियता ने भी पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। मुरादाबाद में भी आउटर पर चार-चार गाड़ियों में डकैती की वारदात के बाद स्टेशन के बाहरी हिस्से में खड़ी होने वाली ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर पुलिस परेशान है।

लखनऊ मेल में फिर तैनात कराया स्क्वाएड

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चार ट्रेनों में डकैती की घटना के बाद आरपीएफ के पुलिस महानिदेशक कृष्ण चौधरी ने बुधवार को दिल्ली-लखनऊ रूट की ट्रेनों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और अफसरों को जमकर कसा। डीजी ने बरेली और गजरौला से ट्रेन में चढ़ने वाले स्क्वाएड को बंद करने की भी जांच के आदेश दिए, साथ ही लखनऊ मेल में पुलिस स्क्वाएड फिर तैनात करा दिया।

चार ट्रेनों में डकैती की वारदातों से बड़ौदा हाउस और रेल भवन हिल गए हैं। रेल मंत्रालय में तलब हुए डीजी कृष्ण चौधरी ने बरेली, लखनऊ और मुरादाबाद गाजियाबाद के अधिकारियों को बुधवार को जमकर कसा। उन्होंन सबसे ज्यादा नाराजगी लखनऊ मेल में स्क्वाएड बंद करने पर जताई। सूत्रों के मुताबिक गजरौला और बरेली से ट्रेन में चलने वाले स्क्वाएड के बारे में मंडलस्तरीय अफसरों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

डीजी के निर्देश पर मंगलवार रात से ही लखनऊ मेल में आरपीएफ का सशस्त्र दस्ता दोनों दिशाओं में रवाना किया गया। आरपीएफ के पोस्ट कमांडर जीएस गर्ब्याल ने बताया कि स्टाफ के चुनाव ड्यूटी पर जाने के कारण मैन पॉवर की कमी थी। मुख्यालय को जानकारी देकर ही लखनऊ मेल का स्क्वाएड खत्म कर जवानों को पेट्रोलिंग में लगाया गया था। रात से पेट्रोलिंग टीम खत्म कर लखनऊ मेल में स्क्वाएड तैनात कर दिया गया है।

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