{"_id":"668abc08-9b98-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"lokayukta-bill-pass-in-gujarat-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुजरात: लोकायुक्त बिल पास, कांग्रेस का वॉकआउट","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
गुजरात: लोकायुक्त बिल पास, कांग्रेस का वॉकआउट
गांधीनगर/एजेंसी
Updated Tue, 02 Apr 2013 07:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच गुजरात विधानसभा में लोकायुक्त बिल पास हो गया। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस बिल पर सवाल खड़े करते हुए सदन से वॉकआउट किया।
विज्ञापन
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विधानसभा में नया लोकायुक्त विधेयक पेश किया। इस विधेयक में लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में राज्य के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और गवर्नर के अधिकारों को सीमित कर दिया गया है।
विज्ञापन
लोकायुक्त की नियुक्ति से संबंधित सभी शक्तियां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति को दिए जाने का प्रस्ताव है। इसमें प्रावधान है कि राज्य के गवर्नरों को इस समिति की सिफारिशों पर कार्रवाई करनी होगी।
विज्ञापन
इस विधेयक से पहले प्रदेश सरकार इस मसले पर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई हार गई थी, जब गवर्नर कमला बेनीवाल ने राज्य सरकार की अनदेखी करते हुए जस्टिस आरए मेहता को प्रदेश का लोकायुक्त नियुक्त किया था।
इस वर्ष जनवरी में हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि लोकायुक्त अधिनियम में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सलाह की श्रेष्ठता अंतिम है।
गुजरात सरकार ने एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ उपचारात्मक याचिका दाखिल की थी, तो वहीं दूसरी तरफ वह विधानसभा में यह नया विधेयक लेकर आ गई है।
विधेयक के प्रस्तावित तीसरे भाग में कहा गया है, ‘इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप जांच संचालित करने के मकसद से चयन समिति की सिफारिशों पर लोकायुक्त की नियुक्ति की जाएगी तथा उप लोकायुक्तों के रूप में जाने जाने वाले व्यक्तियों की संख्या चार से अधिक नहीं होगी।’