चुनावी बिगुल बजते ही बढी़ राजनीतिक दलों में सरगर्मी
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16 वीं लोकसभा के गठन के लिए चुनाव आयोग के आम चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी दलों में सरगर्मी बढ़ गयी है। कांग्रेस, बीजेपी सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने कहा कि चुनावी जंग के मैदान में उतरने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।
सियासी दलों ने नौ चरणों में लंबे मतदान की चुनावी तारीखों का भी स्वागत किया है। बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने ट्विट करके चुनाव आयोग को शुभकामनाएं और लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की शुरूआत पर देशवासियों को बधाई दी है।
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव तारीखों के ऐलान का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी इसके लिए पहले से तैयारी कर रही है।
भाजपा का दावा बनेगी सरकार
भाजपा की एक लिस्ट आ गई है जल्द ही अन्य उम्मीदवारो के चयन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। त्रिवेदी ने दावा किया कि इस बार केंद्र में उनकी पार्टी की ही सरकार बनेगी। सभी के लिए मैदान खुल गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता और केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा ये चुनाव दो विचारधाराओं के बीच में है। एक परिवार और विचार ने इस मुल्क के लिए बलिदान दिया है। दूसरी तरफ वो शक्तियां हैं। जिनका विचारात्मक तौर पर नजरिया पूरी तरह से संकीर्ण है।
राहुल करेंगे कांग्रेस का प्रचार
उनका विश्वास सांप्रदायिकता में है। इसलिए 2014 का चुनाव विचार की लड़ाई है। इसमें कांग्रेस पार्टी के प्रचार की अगुवाई राहुल गांधी, सोनिया गांधी और डॉ मनमोहन सिंह करेंगे।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए सरकार पिछले एक दशक में इस देश में मौन क्रांति लेकर आयी है। हर क्षेत्र में लोगों का जीवन स्तर बढ़ा है। विकास कार्यो के इसी ब्योरे को लेकर कांग्रेस पार्टी लोगों के बीच जाएगी।
बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा इस चुनाव की विशेषता रहेगी कि कांग्रेस मुक्त भारत हो जाएगा। एक निर्णायक नेतृत्व के लिए निर्णायक बहुमत देकर लोग बीजेपी को विजयी बनाएंगे
16 मई को आएगा फैसला
जैसे मोदी ने कहा सीएम और पीएम की टीम देश के लिए काम करेगी और 16 मई को विजय के लिए हम बिल्कुल तैयार हैं। भाजपा को चुनाव आयोग पर नाज है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा महाराष्ट्र में पार्टी के पक्ष में हवा है।
एनडीए के लिए सबसे ज्यादा ताकत यहीं से जाएगी। केजरीवाल की पार्टी का महाराष्ट्र में कोई वजूद नहीं है। एक मेधा पाटकर के अलावा लोग यहां किसी को नहीं जानते। रही बात एमएनएस की तो वो तीन चार चुनाव लड़ चुके हैं। सभी को हक है, मैदान में कोई भी हो, हमें मतलब नहीं है।
नेशनल कांफ्रेंस नेता केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कहा मैं बस यही चाहता हूं कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव हों। अच्छी बात है कि हमारे सूबे में कई चरणों में चुनाव हैं। बर्फबारी का असर कम हो जाएगा।
मोदी, राहुल और केजरीवाल
इस चुनाव में मोदी और राहुल ही नहीं, केजरीवाल भी हैं। अब्दुल्ला ने राम विलास पासवान की एनडीए में वापसी पर कहा कि उनके पास कुछ भी नहीं है।
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी के मुताबिक लोग कांग्रेस और बीजेपी दोनों से मुक्ति चाहते हैं। यही इस चुनाव की मुख्य विशेषता है। और इसी को ध्यान में रखकर हम देश के तमाम गैर कांग्रेसी व गैर बीजेपी दलों को सांप्रदायिकता के खिलाफ लडा़ई के लिए एकजुट कर रहे हैं।