'आप-भाजपा के बीच होगा लोकसभा चुनाव'
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आगामी लोकसभा चुनाव आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच लड़ा जाएगा। आगामी चुनाव में कांग्रेस किसी भी लड़ाई में शामिल ही नहीं है। कांग्रेस को देश ने सिरे से नकार दिया है। ये बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार शाम को कोर कमेटी की बैठक के बाद कहीं।
उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे दमखम के साथ लोकसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। पार्टी साफ-सुथरी छवि वाले लोगों को ही टिकट देगी।
कौशांबी में गिरनार अपार्टमेंट स्थित मुख्यमंत्री के घर पर शाम चार बजे शुरू हुई कोर कमेटी की बैठक में केजरीवाल के अलावा दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया, संजय सिंह, गोपाल राय, आशुतोष, योगेंद्र यादव और दिलीप पांडे हिस्सा लेने पहुंचे।
'साफ छवि के लोग दिलाएंगे जीत'
करीब तीन घंटे तक चली मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया कि लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी पूरे देश में अच्छा प्रदर्शन करेगी। देश के हर हिस्से से साफ छवि वाले लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। यही साफ छवि के लोग चुनावों में पार्टी को जीत दिलाएंगे।
उधर, आप नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा आम आदमी पार्टी की नकल कर रही है। टोपी पहनने की बात हो या जनता दरबार लगाने की।
योगेंद्र यादव ने बताया कि 20 जनवरी तक आप की लोकसभा के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी जाएगी। बायोडाटा की जांच और प्रत्याशियों के बैकग्राउंड की पूरी जांच के बाद ही टिकट पर अंतिम मुहर लगेगी।
नागेंदर शर्मा बने सीएम के मीडिया सलाहकार
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार नागेंदर शर्मा दिल्ली सरकार के साथ जुड़ गए हैं। इनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मीडिया सलाहकार के तौर पर हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, एसोसिएट एडिटर के तौर पर कार्यरत नागेंदर ने सोमवार को अपने संस्थान से इस्तीफा दे दिया। अगले दो दिनों में वह अपनी नई जिम्मेदारी संभाल लेंगे। पिछले सत्रह सालों से पत्रकारिता से जुड़े नागेंदर ने बीबीसी के लिए लंदन और दिल्ली में भी काम किया है।
‘आप’ की उम्मीदवारी प्रक्रिया में फेरबदल
आम आदमी पार्टी (आप) ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव किया है। पार्टी के मुताबिक, दिल्ली चुनाव में सक्रिय कार्यकर्ताओं की वोटिंग कराई गई थी। इसके बाद राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने नाम पर मुहर लगाई थी।
अब पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर संभावित उम्मीदवारों का नाम और उनकी प्रोफाइल डाली जाएगी। आम लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर पीएसी नाम तय करेगी। तकनीकी वजहों से इस बार सक्रिय कार्यकर्ताओं से वोटिंग नहीं कराई जाएगी।
हालांकि पीएसी से नाम तय होने के बाद अगले कुछ दिनों तक आम लोग उम्मीवार के बारे में अपना फीडबैक दे सकते हैं। इस बीच अगर कोई गलत मामला आया तो उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
अब सुरक्षा घेरे में घर से निकलेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने के दौरान पहले ही भीड़ को अपार्टमेंट गेट से अलग कर दिया जाएगा। अगर मुख्यमंत्री किसी से मिलना चाहेंगे तभी लोगों को उनकी कार के पास जाने दिया जाएगा। भारी भीड़ के दौरान मुख्यमंत्री को खतरा हो सकता है जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अक्सर भीड़ में सीएम की गाड़ी भी फंस जाती है, जिसके चलते जाम की स्थिति बनती है। स्मूथ ट्रैफिक और सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।