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लोकसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 08 May 2013 01:37 PM IST
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कोल गेट और रेल घूस कांड पर पीएम, कानून मंत्री और रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोक सभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
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बजट सत्र का दूसरा चरण 22 अप्रैल को शुरू हुआ था। उसके बाद से लगातार 11वें दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा।
हंगामे की वजह से प्रश्नकाल नहीं हो पाया तो पहले लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद विपक्षी दल के सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे जिसके बाद लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।
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विपक्ष का हंगामा
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा सदस्य पीएम मनमोहन सिंह, कानून मंत्री अश्विनी कुमार और रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के इस्तीफे की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास आ गए। शिव सेना और अन्नाद्रमुक के सदस्य भी अपनी सीटों पर खडे हो गये।
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शिरोमणि अकाली दल सदस्य भी आसन के पास आकर 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से कराने की मांग करने लगे।
समाजवादी पार्टी के सदस्य भी आसन के पास आकर अल्पसंख्यकों की बेहतरी के लिए सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। बहुजन समाज पार्टी के सदस्य भी आसन के पास आकर नारे लगा रहे थे।
अध्यक्ष मीरा कुमार ने शोर शराबे के बीच ही सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। फिर से कार्यवाही शुरू होने पर जब हंगामा जारी रहा तो अध्यक्ष ने इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।
अटक गए कई महत्वपूर्ण बिल
बजट सत्र पूरा होने के दो दिन पहले ही लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाने के बाद कई महत्वपूर्ण बिल पास नहीं हो सके। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक और भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन विधेयक शामिल हैं।