तो खिलाड़ी देंगे संपत्ति की जानकारी
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जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी ने देश में मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी को रोकने केलिए सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देने की सिफारिश की है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर ऐसा किया जाता है तो खिलाड़ियों और खेल प्रशासकों को पारदर्शिता के लिए अपनी आय और संपत्ति का ब्योरा देना होगा।
कमेटी ने यह भी माना है कि पहले सामने आए मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के मामलों से बीसीसीआई सही तरह से निपट नहीं पाई। इसके लिए बोर्ड को राज्य एजेंसी के साथ मिलकर इसके लिए एक अलग से विंग स्थापित करने के बारे में बात करनी चाहिए।
सिफारिशों में कहा गया है कि सिर्फ खिलाड़ी और प्रशासक ही नहीं बल्कि खेल आयोजन से जुड़े दूसरे लोगों को भी आय और संपत्ति के बारे में जानकारी देनी होगी। कमेटी का इशारा फ्रेंचाइजी की ओर है।
तो होगी कानूनू कार्रवाई
कमेटी ने यह भी कहा है कि अगर सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता मिलने के बाद अगर
किसी भी खिलाड़ी या खेल प्रशासक की इसमें संलिप्तता पाई जाती है तो उसके
खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
कमेटी के समक्ष जितने भी लोग पेश हुए उनमें से
ज्यादातर ने सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देनी की वकालत की है। जस्टिस
मुकुल मुद्गल भी पहले सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता दिए जाने की सिफारिश कर
चुके हैं।