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लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे पर किसने क्या कहा

Mon, 10 Jun 2013 11:16 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 10 Jun 2013 11:16 PM IST
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lk advani resignation who what said

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाने से नाराज भाजपा के पितामह लालकृष्ण आडवाणी ने इस्तीफा देकर पूरी पार्टी में भूचाल ला दिया है।

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उनके इस्तीफे के बाद सोमवार को भाजपा ही नहीं, संघ और राजग में भी हड़कंप मच गया। आडवाणी को मनाने की दिन भर हुई कोशिशें नाकाम रहीं।

मेरी आडवाणी जी से फोन पर विस्तार से बात हुई है। मैंने उनसे अपना निर्णय बदलने का आग्रह किया है। मुझे उम्मीद है कि वह लाखों कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करेंगे।--नरेंद्र मोदी, ट्विटर पर
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मैंने आडवाणी जी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।--राजनाथ सिंह, ट्विटर पर

आडवाणी जी का इस्तीफा देने का फैसला बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे यकीन है कि उन्हें इस्तीफा वापस लेने पर मना लिया जाएगा।--सुषमा स्वराज

भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी का इस्तीफा देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी को इस मसले का उचित तरीके से समाधान करना चाहिए।--मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख
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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि भाजपा और राजग को बनाने में अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का अनमोल योगदान रहा है। आडवाणी के बगैर राजग के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। हमारी पार्टी यह प्रयास करेगी कि आडवाणी अपना इस्तीफा वापस ले लें।- संजय राउत, शिवसेना प्रवक्ता

लालकृष्ण आडवाणी का इस्तीफा भाजपा का आंतरिक मामला है। इस मुद्दे पर मैं कुछ भी कहना नहीं चाहती। जहां तक निजी विचार का सवाल है तो नरेंद्र मोदी मेरे अच्छे मित्र हैं और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ हैं।- जयललिता, मुख्यमंत्री (तमिलनाडु)

लालकृष्ण आडवाणी के बगैर भाजपा की कल्पना नहीं की जा सकती। मौजूदा हालात के लिए कुछ नेताओं की अति महत्वाकांक्षा जिम्मेदार है। इन नेताओं की वजह से ही दो सांसदों वाली पार्टी को 182 सांसदों वाली पार्टी बनाने वाले आडवाणी जी को इस्तीफा देना पड़ा है।- शत्रुघ्न सिन्हा, भाजपा सांसद

‘नरेंद्र मोदी एक अनुभवी नेता हैं और गुजरात में लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। भारतीय राजनीति में उनका रिकॉर्ड काफी साफ है और उन्होंने खुद को एक कुशल प्रशासक की तरह साबित किया है। उनकी ताजपोशी देश के लिए अच्छी खबर है, जिसका देश-विदेश में सभी वर्गों ने स्वागत किया है।’- सुब्रह्मण्यम स्वामी, अध्यक्ष, जनता पार्टी

भाजपा को बनाने में आडवाणी जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है, लेकिन पार्टी ने यूज एंड थ्रो के फॉर्मूले के तहत उन्हें अपमानित किया है। मोदी को कॉरपोरेट जगत आगे बढ़ा रहा है और लगता है भाजपा ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। मगर पार्टी के कई नेताओं को यह मंजूर नहीं है और आडवाणी जी ने यह दिखा भी दिया है। साफ है कि मोदी उनकी ओर से पीएम पद के उम्मीदवार हैं, इसलिए जदयू को भाजपा से नाता तोड़ लेना चाहिए।- तारिक अनवर, एनसीपी महासचिव व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री

आडवाणी जी ने जो फैसला लिया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेता उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसके सकारात्मक नतीजे जरूर निकलेंगे। भाजपा की विचारधारा को लेकर अगर किसी को कोई आपत्ति है, तो वह पार्टी मंचों पर इसकी चर्चा कर सकता है।- राम माधव, संघ प्रवक्ता

आडवाणी का त्यागपत्र यह साबित करता है कि भारतीय राजनीति में अब भाजपा की प्रासंगिकता खत्म हो गई है। आडवाणी भाजपा में निष्कलंक नेता हैं, जिन्हें संघ तथा निजी स्वार्थ के तहत किनारे कर दिया गया। मोदी की ताजपोशी भाजपा का आंतरिक मामला हो सकता है, लेकिन आडवाणी जी के त्यागपत्र को आंतरिक मामला कतई नहीं कहा जा सकता। वाजपेयी जी के अस्वस्थ होने के बाद आडवाणी ही भाजपा का चेहरा थे। -अतुल कुमार अंजान, सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

लालकृष्ण आडवाणी काफी अपमानित हुए हैं। उनके इस्तीफे से राजग वेंटिलेटर पर चला गया है। ऐसे में हमारे लिए राजग में बने रहना मुश्किल होगा।- केसी त्यागी, जद-यू महासचिव

‘आपने अपनी सरकार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया और गांधी के रास्ते पर चलते हुए राज्य में शराब बंदी लागू की। आपको लीडर बनाने के लिए यह काफी है। सही समय आने पर गांधी के एकता, शराब मुक्त और धर्म निरपेक्ष मॉडल के आधार पर देश का नेतृत्व कीजिए।’- वीआर कृष्णा, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज

लालकृष्ण आडवाणी के बगैर भाजपा की कल्पना नहीं की जा सकती। मौजूदा हालात के लिए कुछ नेताओं की अति महत्वाकांक्षा जिम्मेदार है। इन नेताओं की वजह से ही दो सांसदों वाली पार्टी को 182 सांसदों वाली पार्टी बनाने वाले आडवाणी जी को इस्तीफा देना पड़ा है। अगर आडवाणी को मना नहीं लिया जाता है तो आने वाले दिनों में कई और नेता इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे पार्टी गंभीर संकट में फंस जाएगी।- शत्रुघ्न सिन्हा, भाजपा सांसद


कल तक यदि लाल कृष्ण आडवाणी की राय आपके लिए महत्वपूर्ण नहीं थी, तो आज उनका इस्तीफा आपके लिए संकट क्यों बन गया।- उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री (जम्मू-कश्मीर)

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