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'संसद में ऐसी अराजकता पूरे जीवन में नहीं देखी'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2013 01:25 AM IST
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तेलंगाना मामले में सत्र के पहले दिन से ही सदन में जारी आंध्र प्रदेश के कांग्रेसी और तेदेपा सांसदों के हंगामे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सब्र का बांध टूट गया।
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हंगामे में सत्ता पक्ष के सांसदों के शामिल होने पर कड़ा एतराज जताते हुए उन्होंने कहा कि अपने पूरे संसदीय जीवन में सदन में ऐसी अराजकता नहीं देखी।
इस दौरान आडवाणी ने संसद में सदन के नेता, संसदीय कार्यमंत्री की अनुपस्थिति पर भी कड़ा ऐतराज जताया। इसके बाद हुए हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
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हालांकि आडवाणी की तीखी प्रतिक्रिया के बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो तेलंगाना मामले में विरोध जता रहे सत्तारूढ़ दल के सांसद चुपचाप अपनी सीट पर बैठे नजर आए।
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दरअसल लोकसभा में बीते तीन दिनों की तरह बृहस्पतिवार को भी तेलंगाना मुद्दे पर कई सदस्य वेल में आकर शोरशराबा करने लगे। हमेशा की तरह हंगामा करने वालों में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भी सदस्य थे।
यह स्थिति तब भी जारी रही थी जब भारतीय चौकी पर पाकिस्तानी हमले पर संसद में गरमागरम बहस हो रही थी।
मगर बृहस्पतिवार को भी जब प्रश्न काल के दौरान ऐसा ही दृश्य सामने आया तो आडवाणी अपने आपको रोक नहीं सके।
प्रश्नकाल के दौरान ही आडवाणी ने कहा कि उन्होंने अपने चार दशक से भी अधिक समय की संसदीय राजनीति के कैरियर में ऐसी अराजकता नहीं देखी।
उन्होंने पीठ को संबोधित करते हुए कहा, 'आखिर यहां हो क्या रहा है, सत्ता पक्ष के लोग कार्यवाही में लगातार बाधा डाल रहे हैं। सदन के नेता और संसदीय कार्य मंत्री नदारद हैं और आप सदन चला रही हैं। मुझे तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा। मैं वर्ष 1970 से संसद का सदस्य हूं, मगर इतने सालों में ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। आप सदन में शांति स्थापित कीजिए अन्यथा हमारे पास वाक आउट करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।'
इसके बाद भाजपा सांसदों ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई और सदन से बाहर चले गए। इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।