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मोदी सरकार का नया प्लान, लीक नहीं होंगे दस्तावेज

Tue, 17 Mar 2015 08:53 AM IST
Updated Tue, 17 Mar 2015 08:53 AM IST
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list of dos and donts for officials to stop leaks

*गोपनीय कागजात रद्दी की टोकरी में ना फेकें। ऐसे कागजात छोटे-छोटे टुकड़ों में फाड़ दें। ऑफिस छोड़ने से पहले ये सुनिश्चित करें की आप के कमरे की रद्दी उठा ली गई हो और उसे जला दिया गया हो।

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*आलमारियों को तब तक तक पूरी तरह बंद ना करें, जब तक की उनमें ताला ना लगाना हो। पूरी तरह बंद होने से ये आभास होता है कि आलमारी में ताला बंद है, जबकि ऐसा होता नहीं है।
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*फोन पर गोपनीय बातों की चर्चा ना करें।

निर्देशों की लंबी फेहरिश्त के ये चंद निर्देश भर हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले दिनों विभिन्न मंत्रालयों के दफ्तरों से गोपनीय कागजात चोरी होने के बाद ऐसे कई निर्देश अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए।
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मोदी सरकार ने सरकारी संपत्तियों, परिसर, दस्तावेज और सूचनाओं की सुरक्षा के लिए एक गोपनीय सूची तैयार की है, जिसमें 26 निर्देश दिए गए हैं। मोदी सरकार की पूर्ववर्ती सरकारों ने भी दस्तावेज की सुरक्षा के लिए दिशनिर्देश दिए थे। हालांकि इस सूची को नए सिरे से तैयार किया गया है, पुराने निर्देशों के अलावा कई नए निर्देश भी दिए गए हैं।

कई मंत्रालयों से चोरी हुए दस्तावेज

list of dos and donts for officials to stop leaks

केंद्र सरकार की नई सूची मंत्रालयों से गोपनीय दस्तावेज की चोरी रोकने की मुहिम का हिस्सा है। कैबिनेट सचिव अजीत सेठ ने फरवरी में उन मंत्रालयों के अधिकारियों की एक बैठक ली थी, जिनसे दस्तावेज चोरी हुए हैं।

उस बैठक के बाद मंत्रालयों को संवेदनशील बनाने लिए ये मुहि‌म शुरू की गई। इसी मुहिम के तहत सरकार वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विभागीय सुरक्षा निर्देश 1994 का एक प्रेजेंटेशन भी तैयार करा रही है।

अधिकारियों को उस प्रेजेंटेशन के अलावा Dos ओर Don’ts की सूची भी दी जाएगी, जिसमें कई अहम निर्देश शामिल होंगे।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के‌‌ विभिन्न मंत्रालयों में चोरी का मामला पिछले महीने सामने आया था, जिसमें कई कंपनियों के अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और पत्रकार की गिरफ्तारी हुई थी।

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