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पोंटी चड्ढा की हत्या कहीं साजिश तो नहीं?
शुजात आलम/नई दिल्ली
Updated Sun, 18 Nov 2012 01:29 AM IST
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अरबों के मालिक पोंटी चड्ढा उर्फ गुरदीप सिंह चड्ढा और उनके भाई हरदीप सिंह चड्ढा के बीच आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए। पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल उठ रहे हैं। मसलन कहीं दोनों भाइयों की मौत सोची समझी साजिश का हिस्सा तो नहीं थी, इनकी मौत से किसको फायदा होगा, आखिर जान लेने-देने की नौबत क्यों आई...? ऐसे कई सवालों को दिल्ली पुलिस सुलझाने का प्रयास कर रही है। वारदात के समय मौके पर मौजूद लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक पोंटी के पिता कुलदीप सिंह चड्ढा की मौत के बाद प्रॉपर्टी को लेकर पोंटी और हरदीप में विवाद उत्पन्न हो गया। करीब 6000 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर तीनों भाई पोंटी चड्ढा, हरदीप सिंह चड्ढा और राजेंद्र सिंह उर्फ राजू चड्ढा झगड़ने लगे। पोंटी और हरदीप में विवाद गहरा गया।
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सूत्रों के मुताबिक भाइयों में बटवारा भी हुआ, लेकिन प्रॉपर्टी का एक बड़ा हिस्सा दबंग पोंटी के पास ही रहा। पूरे परिवार के छतरपुर में 15 से 20 फॉर्म हाउस हैं। कुछ पर पोंटी और कुछ पर हरदीप का कब्जा था। इस पर दोनों भाइयों में गरमा-गरमी रहती थी।
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सूत्रों के मुताबिक शनिवार सुबह पोंटी चड्ढा ने हरदीप के कब्जे वाले फॉर्म हाउस नंबर-40 से 42 पर उसकी गैरमौजूदगी में ताला बंद कर दिया। हरदीप वहां पहुंचा तो दोनों भाइयों में बहस हो गई। हरदीप ने 12.15 बजे अपने वकील गौरांग कंठ को पेपर तैयार कर अदालत चलने को कहा।
बताया जा रहा है कि हरदीप ने अपने दोस्तों को बुला लिया। दोनों भाइयों के बीच खूनी संघर्ष हुआ और उसकी मौत हो गई। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि दोनों की मौत से आखिर किसको ज्यादा फायदा होता।