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खुश्ाखबरी, 80 फीसदी तक सस्ती हो जाएंगी दवाएं

Thu, 16 May 2013 09:25 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 16 May 2013 09:25 PM IST
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life saving drugs prices set to fall soon

348 दवाएं जल्द ही 80 फीसदी तक सस्ती हो जाएंगी।

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इन दवाओं में कुछ जीवन रक्षक दवाएं भी शामिल हैं। इन दवाओं की कीमतों में कमी की वजह नए दवा मूल्य नियंत्रण आदेश का लागू होना है।

दवा उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि नई दवा नीति के अमल में आने से कई कैंसर रोधी और संक्रमण रोधी दवाओं की कीमतों में 50 से 80 फीसदी तक की कमी आएगी।

फार्मास्यूटिकल्स विभाग की वेबसाइट के अनुसार सरकार ने दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ), 2013 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है और यह 15 मई से लागू हो गया है।

डीपीसीओ ने 1995 के आदेश का स्थान लिया है। नए आदेश से नेशनल फार्मास्यूटिक्ल प्राइसिंग पॉलिसी (एनपीपीपी) 2012 को 348 जरूरी दवाओं की कीमतें नियंत्रित करने का अधिकार मिल जाएगा।
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एनपीपीपी 2012 को 22 नवंबर, 2012 को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी और इसे 7 दिसंबर 2012 को अधिसूचित किया गया था। दवा मूल्य नियंत्रण आदेश 1995 के तहत 74 थोक दवाओं के मूल्य नियंत्रित किए गए थे।
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नई दवा नीति के अनुसार, जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में शामिल सभी दवाओं की कीमतों को नियंत्रित किया जाएगा।

स्वीकृत नीति के मुताबिक, दवाओं की कीमतें तय करने के लिए बाजार में एक फीसदी से अधिक हिस्सेदारी वाली सभी दवाओं की कीमतों के औसत को आधार बनाया जाएगा।

अनिवार्य वस्तु अधिनियम, 1995 के तहत जारी डीपीसीओ 2013 के तहत दवा नीति की रूपरेखा तय होगी। साथ ही यह तय होगी कि दवाओं की कीमतों में नियंत्रण का तरीका क्या होगा।


इसके अनुसार, नई नीति और नए डीपीसीओ को लागू करने का अधिकार नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथारिटी (एनपीपीए) को है। जहां तक एनपीपीपी-2012 का सवाल है तो इसकी राह बहुत आसान नहीं रही है।

स्वास्थ्य और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय के बीच मतभेद की वजह से इसे लंबे समय के इंतजार के बाद अंतिम रूप दिया जा सका।

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