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विधायक की हत्या केस में डीपी यादव समेत 4 को उम्रकैद

Tue, 10 Mar 2015 03:36 PM IST
Updated Tue, 10 Mar 2015 03:36 PM IST
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Life imprisonment to dp yadav by cbi court.

गाजियाबाद के दादरी के विधायक की हत्या के 23 साल पुराने मामले में दोषी साबित हो चुके पूर्व सांसद डीपी यादव को सीबीआई अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्होंने एक दिन पहले ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।

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इस केस में तीन अन्य दोषी 28 फरवरी को दोषसिद्ध होने के साथ ही हिरासत में ले लिए गए थे। मामले में यादव समेत चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

दादरी के विधायक महेंद्र सिंह भाटी और उनके साथी उदय प्रकाश आर्य की हत्या में पूर्व सांसद डीपी यादव, कुख्यात बदमाश पाल सिंह उर्फ लक्कड़पाला, प्रणीत भाटी और करन यादव समेत आठ लोग आरोपी बनाए गए थे।
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सीबीआई अदालत ने 41 गवाहों के बयानों के आधार पर 28 फरवरी को डीपी यादव, करन यादव, पाल सिंह और प्रणीत भाटी को दोषी पाया था। उसी दिन करन, पाल सिंह और प्रणीत को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
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दादरी के विधायक की हत्या का मामला

Life imprisonment to dp yadav by cbi court.

इससे पहले डीपी यादव ने हार्ट सर्जरी होने का हवाला देते हुए अदालत में पेश न हो पाने का प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत ने दस मार्च को दोषियों को सजा सुनाने की बात कह यादव को नौ मार्च को सरेंडर करने का आदेश दिया था।

सोमवार को यादव ने सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत में पेश होने के तुरंत बाद उसे जेल भेज दिया गया।

बता दें कि मामले में चार अन्य आरोपी महाराज सिंह, तेजपाल भाटी, जयपाल गुर्जर और औलाद अली की मुकदमा चलने के दौरान मौत हो चुकी है।

क्या था मामला?

Life imprisonment to dp yadav by cbi court.

13 सितंबर 1992 की शाम दादरी के तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह भाटी अपने साथियों संग गाजियाबाद जा रहे थे। रास्ते में भंगेल रोड पर रेलवे फाटक पर वे रुके।

इसी बीच हथियारबंद हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। भाटी और उनके साथी उदय प्रकाश आर्य की मौत हो गई थी, जबकि भाटी का ड्राइवर देवेंद्र और गनर वेदराम कौशिक घायल हो गए थे।

मामले में अनिल कुमार भाटी ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि चुनावी रंजिश में महेंद्र की हत्या की गई।

मामले की जांच दस अगस्त 1993 को सीबीआई को सौंपी गई थी। सात नवंबर 1996 को डीपी यादव समेत आठ के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए थे।

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