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लेफ्टिनेंट जनरल बरार पर लंदन में हमला
नई दिल्ली/लंदन/एजेंसी
Updated Mon, 01 Oct 2012 10:24 PM IST
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1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार की अगुवाई करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) केएस बरार को लंदन में कुछ लोगों ने चाकुओं से हमलाकर घायल कर दिया। जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त बरार पर एक होटल के बाहर चार अज्ञात लोगों ने हमला किया। घटना के वक्त उनकी पत्नी भी उनके साथ थीं। अलार्म बजाने पर हमलावरों ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। 78 वर्षीय बरार की हालत खतरे से बाहर है। लंदन पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है।
ऐसा माना जा रहा है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार में शामिल होने की वजह से बरार पर हमला किया गया है। 1984 में स्वर्ण मंदिर में छिपे सिख आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने घटना की पुष्टि की है। सूत्रों ने कहा कि घटना हायडे पार्क के पास ओल्ड क्यूबिक स्ट्रीट पर करीब 1.00 बजे घटी। घटना के वक्त बरार अपनी पत्नी के साथ थे। बरार इन दिनों निजी यात्रा पर यहां आए हुए हैं।
स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने कहा कि मामले की जांच चल रही है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यार्ड के प्रवक्ता ने कहा कि हमले में घायल व्यक्ति की हालत गंभीर है लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। सूत्रों ने कहा कि न्यूयॉर्क में मौजूद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायुक्त जे भगवती से जनरल बरार की हालत की जानकारी ली। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद बरार कई आतंकी और उग्रवादी गुटों की हिट लिस्ट में शामिल रहे हैं।
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कौन हैं केएस बरार
जनरल बरार ने 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भी हिस्सा लिया था। वह पाकिस्तानी सेना को सरेंडर कराने के लिए ढाका में घुसने वाले सर्वप्रथम लोगों में से एक थे। बरार ने 1984 में सिखों के लिए अलग खालिस्तान राज्य की मांग को लेकर जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व में स्वर्ण मंदिर में घुसे आतंकियों को निकालने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार की अगुवाई की थी।
इंफैंट्री कमांडर जनरल बरार ने आम नागरिक की वेशभूषा में स्वर्ण मंदिर में घुसकर आतंकियों की पोजिशन परखी थी। बरार ने ही अपने सिख इंफैंट्री सैनिकों को स्वर्ण मंदिर पर हमला करने के लिए तैयार किया था। इस मुठभेड़ में कई सैनिक शहीद हो गए थे लेकिन अंत में बरार के सैनिकों को ही सफलता मिली। इस मुठभेड़ में भिंडरावाले भी मारा गया। सेना से रिटायर होने के बाद से बरार मुंबई में कड़ी सुरक्षा के बीच छावनी इलाके में रह रहे थे। सिख आतंकवादियों ने उन्हें मारने के लिए कई बार कोशिश कीं।
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ऐसा माना जा रहा है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार में शामिल होने की वजह से बरार पर हमला किया गया है। 1984 में स्वर्ण मंदिर में छिपे सिख आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने घटना की पुष्टि की है। सूत्रों ने कहा कि घटना हायडे पार्क के पास ओल्ड क्यूबिक स्ट्रीट पर करीब 1.00 बजे घटी। घटना के वक्त बरार अपनी पत्नी के साथ थे। बरार इन दिनों निजी यात्रा पर यहां आए हुए हैं।
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स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने कहा कि मामले की जांच चल रही है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यार्ड के प्रवक्ता ने कहा कि हमले में घायल व्यक्ति की हालत गंभीर है लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। सूत्रों ने कहा कि न्यूयॉर्क में मौजूद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायुक्त जे भगवती से जनरल बरार की हालत की जानकारी ली। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद बरार कई आतंकी और उग्रवादी गुटों की हिट लिस्ट में शामिल रहे हैं।
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कौन हैं केएस बरार
जनरल बरार ने 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भी हिस्सा लिया था। वह पाकिस्तानी सेना को सरेंडर कराने के लिए ढाका में घुसने वाले सर्वप्रथम लोगों में से एक थे। बरार ने 1984 में सिखों के लिए अलग खालिस्तान राज्य की मांग को लेकर जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व में स्वर्ण मंदिर में घुसे आतंकियों को निकालने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार की अगुवाई की थी।
इंफैंट्री कमांडर जनरल बरार ने आम नागरिक की वेशभूषा में स्वर्ण मंदिर में घुसकर आतंकियों की पोजिशन परखी थी। बरार ने ही अपने सिख इंफैंट्री सैनिकों को स्वर्ण मंदिर पर हमला करने के लिए तैयार किया था। इस मुठभेड़ में कई सैनिक शहीद हो गए थे लेकिन अंत में बरार के सैनिकों को ही सफलता मिली। इस मुठभेड़ में भिंडरावाले भी मारा गया। सेना से रिटायर होने के बाद से बरार मुंबई में कड़ी सुरक्षा के बीच छावनी इलाके में रह रहे थे। सिख आतंकवादियों ने उन्हें मारने के लिए कई बार कोशिश कीं।