काशी में आरती स्थल तक पहुंचीं गंगा, 200 मंदिर डूबे
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। रविवार को गंगा दशाश्वमेध घाट तक बढ़ आईं और शाम तक आरती स्थल पर पानी पहुंच गया। तुलसी घाट से जैन घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट से मान मंदिर समेत कई घाटों का संपर्क टूट गया। इससे घाट किनारे के लोगों की चिंता बढ़ गई।
शीतला घाट पर गंगा आरती शाम को ऊपर के प्लेटफार्म पर हुई। श्मशान घाटों पर भी अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफार्म बदले जा रहे हैं। रविवार की शाम गंगा का जलस्तर 63.02 मीटर रिकार्ड किया गया।
केंद्रीय जल आयोग के अभियंताओं के मुताबिक इलाहाबाद, मिर्जापुर, बलिया, गाजीपुर में भी गंगा बढ़ाव पर हैं। जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे रहने वाले लोग अपनी गृहस्थी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं।
200 मंदिर हुए जलमग्न
निचले स्तरों की मढ़ियों के सामान निकाल लिए गए हैं। अस्सी से राजघाट के बीच के करीब दो सौ से अधिक छोटे-छोटे मंदिरों के जलमग्न होने के बाद तट के दूसरे मंदिरों में पुजारियों ने रहना छोड़ दिया है।
पंडों ने घाट किनारे की छतरियों और चौकियों को ऊपर खिसकाना शुरू कर दिया है। जलस्तर में बढ़ाव की वजह से नावों की मरम्मत का काम प्रभावित हुआ है। इसी के साथ किनारों पर लगने वाली पूजा, प्रसाद और फूलमाला की दुकानें भी हटाई जाने लगी हैं।