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अस्पताल में घुसा तेंदुआ, कइयों को बनाया शिकार

Mon, 24 Feb 2014 10:37 AM IST
Updated Mon, 24 Feb 2014 10:37 AM IST
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Leopard entered in meerut city

मुरादाबाद से लेकर उत्तराखंड तक आदमखोर बाघिन का खौफ अभी थमा भी नहीं था कि रविवार को एक तेंदुए ने मेरठ शहर में घुसकर लोगों के होश फाख्ता कर दिए। तेंदुए के आतंक से रविवार को पूरे शहर में दहशत और अफरातफरी का आलम बना रहा।

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सुबह सबसे पहले भीड़भाड़ वाले इलाके सदर बाजार में तेंदुए ने आतंक मचाया। घेरेबंदी के दौरान भागने के प्रयास में उसने दो बार भीड़ पर हमला भी किया। हमले और भगदड़ में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।
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भागते तेंदुए पर पुलिस ने फायर भी किया।

जनरल वार्ड में घुसा तेंदुआ

Leopard entered in meerut city

इसके बाद वह छावनी अस्पताल के जनरल वार्ड में जा घुसा, जहां वार्ड ब्वॉय ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। भारी पुलिस फोर्स और सेना ने तेंदुए की घेरेबंदी कर रखी है। देर रात खबर लिखे जाने तक उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम नहीं पहुंची थी।

इस क्षेत्र में 15 साल पहले जनवरी 1999 में भी एक तेंदुआ आ धमका था। सदर बाजार में गौरव का लकड़ी का गोदाम है। रविवार सुबह 10.30 बजे गौरव ने गोदाम में तेंदुए को देखकर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और वन विभाग के एक सुपरवाइजर व दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

कई लोग हुए घायल

Leopard entered in meerut city

लेकिन घेरेबंदी के दौरान तेंदुए ने छलांग लगा दी। इससे भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग चोटिल हो गए। भागते तेंदुए पर सदर थाने के दारोगा ने फायर भी किया। लेकिन वह तेजी से दीवारों और छतों को फांदते हुए छावनी अस्पताल पहुंचा और जनरल वार्ड के वार्ड ब्वॉय के कक्ष में जा बैठा।

मौके पर मौजूद वार्ड ब्वॉय ब्रजवीर धामा और विमलेश तोमर कमरे से बाहर निकले और दरवाजा बंद कर दिया। इस बीच तेंदुए ने खिड़की तोड़ दी और बाहर खड़े एक व्यक्ति पर हमला बोल दिया। हालांकि वह बाल-बाल बच गया।

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दरोगा ने चलाई गोली

Leopard entered in meerut city

दारोगा के गोली चलाने के बाद वह वापस कमरे में जा छिपा। कमरे के चारों तरफ घेरेबंदी कर दी गई है। स्थिति को संभालने के लिए सेना के जवान बुलाए गए हैं।

खबर लिखे जाने तक मौके पर मौजूद आला अफसर वन विभाग की टीम के आने का इंतजार में थे। अभी इस बात का पता नहीं चल सका है कि तेंदुआ आखिर शहर में पहुंचा कैसे?

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