पीएम के प्रधान सचिव की नियुक्ति को संसद की मंजूरी
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ट्राई के पूर्व चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्ति पर संसद की मुहर लग गई है।
इस संबंध में राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई। जबकि लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। अब ट्राई के अध्यक्ष और सदस्य सेवानिवृत्त होने के दो साल बाद सरकार में किसी भी पद पर नियुक्त किये जा सकते हैं।
सदन में विधेयक पर चर्चा के जवाब में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह संशोधन विधेयक किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं लाया गया है।
संशोधन के बाद ट्राई के अधिकारी सेवानिवृत्त होने के दो साल बाद फिर से सरकार में काम कर सकते हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दूसरे प्राधिकरणों के समान लाने के लिए ट्राई कानून में संशोधन किया गया है।
'नृपेंद्र मिश्र ने नहीं किया गुजरात में काम'
उन्होंने कहा कि नृपेंद्र मिश्र ने एक दिन भी गुजरात में काम नहीं किया है। वे पहले कभी प्रधानमंत्री से नहीं मिले हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें उनकी क्षमता के आधार पर चुना है।
उन्होंने मणिशंकर अय्यर के इस आरोप को भी नकारा कि सरकार ने संसद की गरिमा और सर्वोच्चता को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि 1997 में इस संबंध में बनाए गए कानून में कुछ विसंगतियां रह गई थीं। जिसे दूर करने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
चूंकि सभी मानकों का पालन करते हुए यह विधेयक लाया गया है इसलिए यह असंवैधानिक नहीं है। यह विधेयक पूर्व में सरकार के जरिए पेश किये गए अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है।