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तीसरे मोर्चे की गाड़ी में फिर से हवा भरेंगे वामदल
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2013 12:23 AM IST
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बजट सत्र के तत्काल बाद वाम दल तीसरे मोर्चे के गठन पर विचार विमर्श का दौर शुरू करेंगे।
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विचार विमर्श शुरू करने से पहले वाम दल आगामी 22 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का रुख अच्छी तरह भांप लेना चाहते हैं।
अब तक तीसरा विकल्प खड़ा करने में आगे बढ़ कर भूमिका निभाने वाले मुलायम का अस्पष्ट रुख इस दिशा में विचार विमर्श शुरू न हो पाने का बड़ा कारण है।
हालांकि बजट सत्र शुरू होने से पहले ही सपा प्रमुख ने इस बारे में माकपा से पहल करने के लिए पार्टी महासचिव प्रकाश करात को पत्र लिखा था।
मगर कांग्रेस के प्रति झुकाव और अलगाव का खेल जारी रहने के कारण वाम दलों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था।
लोक सभा में माकपा के संसदीय दल के नेता बसुदेव आचार्य का कहना है कि फिलहाल सवाल विश्वास का है। पहले यह तो तय हो कि मुलायम वास्तव में तीसरी ताकत खड़ी करने के प्रति गंभीर हैं।
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वाम दल बजट सत्र में अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव लाएगा। कटौती प्रस्ताव पर सपा के रुख से पता चल जाएगा कि वह इस दिशा में गंभीर है या नहीं।
अगर सपा सरकार के साथ जाती है तो वाम दल तीसरा विकल्प खड़ा करने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करेगा।
हम अपनी ओर से धर्मनिरपेक्ष शक्तियों और कांग्रेस की आर्थिक नीतियों के विरोधी दलों को साथ लाने का प्रयास करेंगे।
हालांकि वाम दलों के सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश की बड़ी राजनीतिक ताकत होने के नाते वाम दल तीसरा विकल्प खड़ा करने में मुलायम को हर हाल में साथ लाना चाहते हैं।
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इसलिए इस आशय का मुलायम का पत्र आने के बाद वाम दलों में प्रारंभिक चर्चा हुई। हालांकि चर्चा के दौरान बात यहां अटक गई कि कहीं मुलायम कांग्रेस पर महज दबाव डालने के लिए तो तीसरे मोर्चा का हौव्वा खड़ा करना नहीं चाहते।
बाद में फैसला हुआ कि इस मामले में मुलायम का रुख पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ा जाए। वाम दलों को लगता है कि बजट सत्र के दौरान कई ऐसे मौके आएंगे, जिसमें सपा को अपना स्टैंड साफ करना होगा।
अगर मुलायम सरकार के पक्ष में झुके दिखे तो तीसरे मोर्चे के गठन की बात टल जाएगी। हालांकि इस दौरान वाम दल सपा के इतर दलों को एकजुट करने की दिशा में काम शुरू कर देगा तो दूसरी ओर मुलायम के कांग्रेस से मोहभंग का भी इंतजार करेगा।