फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Learn with safetypin app area is safe or not.

सेफ्टीपिन एप से पता चलेगा आप सुरक्षित हैं या नहीं

Fri, 12 Dec 2014 12:15 AM IST
Updated Fri, 12 Dec 2014 12:15 AM IST
विज्ञापन
Learn with safetypin app area is safe or not.

जिंदगी की भागदौड़ में हर महिला को घर से बाहर काम के लिए आना-जाना पड़ता है, लेकिन थोड़ी सी सूझबूझ और आधुनिक तकनीक के प्रयोग से हादसों से बचा जा सकता है। स्मार्ट फोन मुश्किल में मददगार साबित हो सकते हैं। बस आपको अपने फोन पर वाट्स-एप की तरह ही ‘सेफ्टीपिन एप’ डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

विज्ञापन


घर से निकलने के पहले बस एप पर लोकेशन की इन्फॉर्मेशन सर्च कर जान लें कि इलाका सेफ है या नहीं। अगर मुश्किल आती है तो एक क्लिक पर आपके द्वारा रजिस्टर्ड पांच मोबाइल नंबर पर ट्रबल का संदेश पहुंच जाएगा और वे ट्रैकर से सर्च करते हुए मदद पहुंचाएंगे।
विज्ञापन


जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नेहरू वुमन स्टडी सेंटर और जागो री संस्था ने मिलकर महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर सेफ्टीपिन एप तैयार किया है। इसकी खासियत है कि राजधानी और एनसीआर में छात्रों ने महीनों सर्वे करने के बाद सुरक्षित, कम सुरक्षित और खतरनाक इलाके तलाशे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके तहत दिल्ली में 6500 तो गुड़गांव में 3000 इलाके चिह्नित किए गए हैं, जिसमें असुरक्षित के लिए लाल, कम सुरक्षित के लिए नारंगी तो सुरक्षित को हरे रंग से दर्शाया है। सर्वे के दौरान स्ट्रीट लाइट की कमी, पीसीआर का न होना, सड़क का टूटा-फूटा होना, पुलिस में दर्ज शिकायत और स्थानीय जनता की राय को ध्यान में रखकर तैयार किया है। कुछ महीनों में ही लगभग तीस हजार महिलाओं ने इसे डाउनलोड किया है।

मैप आधारित है ये एप

Learn with safetypin app area is safe or not.

सेफ्टीपिन मैप पर आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है। एप्स संयोजक देशभर के शहरों के लोगों संग स्थानीय पुलिस को भी जोड़ रहे हैं, ताकि मुश्किल में अपनों संग पुलिस भी तत्काल मदद के लिए पहुंच सके। इसके माध्यम से यूजर्स को सुरक्षा से संबंधित जानकारियां मिलेंगी। यह एप मुफ्त में मिलेगा।

यूजर्स को प्ले स्टोर पर जाकर ‘एसएएफईटीआईपीआईएन’ टाइप  करना होगा। उसके बाद इंस्टाल करने का ऑप्शन दिखेगा, जिसे ओके करें। थोड़ी देर बाद सेफ्टीपिन एप्स लिखा हुआ नजर आएगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय यूजर्स नाम टाइप करते समय रनिंग में लिखें।

इसमें अपना ईमेल आईडी और पासवर्ड के बाद जेंडर और डेट ऑफ बर्थ लिखकर सबमिट करना होगा। आपने जो ईमेल आईडी दिया होगा, उसमें थोड़ी देर में रजिस्ट्रेशन कंफर्म होने का मैसेज और लिंक आएगा, जिसे ओके करने के बाद सेफ्टीपिन एप्स ओपन करें। एप ओपन करने के साथ सामने मेन्यू वॉल दिखेगी।

इस पर 9 ऑप्शन दिखेंगे। सबसे नीचे जाकर ट्रैक सेटिंग को ओपन करें, जिसमें पांच मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरने का ऑप्शन मिलेगा। अगर आप मुश्किल में होंगी तो ट्रबल बटन दबाने पर इन्हीं पांचों लोगों के पास खतरे का संदेश पहुंचेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed