आडवाणी ने क्यों छेड़ा महाभारत राग
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गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की वकालत पर छिड़े विवाद के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राजनीति और नैतिकता सीखने के लिए महाभारत और रामायण पढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने खासतौर से महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति और शिक्षा का इससे बड़ा और महान स्रोत और कोई दूसरा महाकाव्य नहीं है।
इस दौरान आडवाणी ने ईसाई मिशनरी स्कूल में शिक्षा हासिल करने की जानकारी देते हुए कहा कि रामायण और भगवद गीता उन्होंने अंग्रेेजी और सिंधी में पढ़ी। हालांकि आजादी के बाद उन्होंने इन महाकाव्यों को हिंदी में भी पढ़ा। आडवाणी प्रसिद्घ पत्रकार के. नरेंद्र की जन्मशताब्दी पर आयोजित समारोह में महाभारत के मिथक पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा, चूंकि मिथक था कि कि इस महाकाव्य को घर में रखना मनहूस है। इसलिए उनकी दादी महाभारत को टुकड़ों में पढ़ने के लिए कहा करती थीं। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित कई हस्तियों ने गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग की है। जबकि विपक्ष का कहना है कि इस धर्मनिरपेक्ष देश का संविधान ही एक मात्र राष्ट्रीय ग्रंथ है।
निरंजन ज्योति ने मोदी को बताया युग पुरुष
विवादित बयान देकर हाल ही में सरकार की फजीहत कराने वाली केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युग पुरुष बताया है। गुजरात के गांधीनगर में तीन दिवसीय भक्ति योग वेदांत सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गांधीनगर पहुंची साध्वी ने कहा, मैं लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जन्म देने वाली धरती (गुजरात) पर आई हूं। यह हमारे युग पुरुष और प्रधानमंत्री को भी जन्म देने वाली धरती है। मैं इस धरती को झुककर प्रणाम करने आई हूं। मालूम हो कि साध्वी के बयान के बाद विपक्ष ने सदन में भारी हंगामा किया था और प्रधानमंत्री मोदी को खुद आगे आकर राज्यसभा में इस मामले में बयान देना पड़ा था।
धर्मांतरण पर तोगड़िया ने मुलायम को घेरा
मुंबई में विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने धर्मांतरण के मसले पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को घेरा है। मुलायम ने धर्मांतरण को गलत बताते हुए इसे प्रतिबंधित करने की मांग की थी। इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तोगड़िया ने कहा कि अगर मुलायम को वास्तव में लगता है कि धर्मांतरण में गलत है तो उन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ संसद में कानून बनवाने की कोशिश क्यों नहीं की।’
एनएसयूआई ने संघ को भेजा ‘गेट वेल सून’ का कार्ड
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने धर्मांतरण के मसले पर गांधीगीरी के अंदाज में विरोध दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को ‘गेट वेल सून’ के कार्ड भेजने शुरू किए हैं। एनएसयूआई की राष्ट्रीय महासचिव हसीबा अमीन ने बताया कि इन कार्डों के साथ फूल और भारतीय संविधान की प्रस्तावना भी भेजी जा रहा है। पहला कार्ड शनिवार को संघ के मुख्यालय नागपुर में भेजा गया है।
'घर वापसी में कोई बुराई नहीं'
भाजपा में हिंदुत्व के फायरब्रांड सांसद महंत आदित्य नाथ ने आरएसएस की घर वापसी (फिर से हिंदू धर्म अपनाना) का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपनी मर्जी से दोबारा हिंदू धर्म में वापसी करना चाहता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है।