AAP को है अपने इन नेताओं से खतरा!
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आम आदमी पार्टी और उसके अगुवा अरविंद केजरीवाल दिल्ली में गद्दी संभालने के बाद इन दिनों लोकसभा चुनावों में कमाल करने का ख्वाब देख रहे हैं और आम जनता से उन्हें समर्थन भी मिलता दिख रहा है।
इस वजह से नरेंद्र मोदी की लहर पर सवार भाजपा और राहुल गांधी से उम्मीदें बांध रही कांग्रेस के माथे पर भी चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। नेताओं में सादगी को अपनाने की होड़ सी लग गई है।
लेकिन इस बीच आम आदमी पार्टी के कई ऐसे नेता सामने आ रहे हैं, जो अपनी ही पार्टी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। यह डर भी पैदा हो रहा है कि कहीं इन नेताओं की वजह से केजरीवाल को नुकसान न उठाना पड़े। आइए निगाह डालें उन नेताओं पर नजर, जिनसे AAP को फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो सकता है।
कुमार विश्वासः तोल-मोल के बोल पर नहीं यकीन
अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ ताल ठोक रहे कुमार विश्वास की जुबान कई बार मुसीबत का कारण बन चुकी है। अल्पसंख्यकों पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर वह घिर चुके हैं।
राहुल के गढ़ में पहुंचने से पहले कुमार ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें एक नौजवान ने उन पर अंडा फेंका और वजह बताई कि वह पैगम्बर मोहम्मद साहब और शिव भगवान का अपमान करते हैं, इसलिए ऐसा किया गया। हालांकि, कुमार इस पर माफी मांग चुके हैं।
इन्हीं विवादों को लेकर जब हाल में AAP में शामिल हुई मल्लिका साराभाई ने सवाल उठाया, तो कुमार ने इस पर कहा, "मैं नहीं जानता वो कौन हैं? कॉल गई होगी, तो वो भी पार्टी में शामिल हो गई होंगी।"
मल्लिका साराभाईः अपने साथी पर हमला
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को चुनावी चुनौती दे चुकीं मल्लिका साराभाई हाल में आम आदमी पार्टी का हिस्सा बनीं और कुछ दिनों में ही उन्होंने एक विवादित बयान देकर अपनी पार्टी की नींद उड़ा दी।
कुमार विश्वास के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए मल्लिका ने कहा, "पार्टी में शामिल होने के बाद से मुझे कई यूट्यूब क्लिप भेजी गई हैं, जो चिंता पैदा करती हैं।"
उन्होंने कहा, "अल्पसंख्यकों, महिलाओं और समलैंगिकों को लेकर उनकी राय कुछ अजीब है और इस बारे में उन्हें समझदारी दिखानी चाहिए।" उनके मुताबिक एक वीडियो में कुमार, नरेंद्र मोदी को शिव भी बता रहे हैं। मल्लिका को आए अभी चंद दिन हुए हैं, लेकिन अपने साथियों पर हमला कर उन्होंने चिंता पैदा कर दी है।
सोमनाथ भारतीः खुद ही कानून के लपेटे में
आम आदमी पार्टी और केजरीवाल सरकार को मंगलवार आई एक खबर ने चौंका दिया। इस खबर में बताया गया था कि दिल्ली के कानून मंत्री वकालत करते वक्त खुद एक बार फंस चुके हैं।
इसमें बताया गया था कि सोमनाथ भारती पर गवाह को प्रभावित करने का इल्जाम लगा था। हालांकि, अरविंद केजरीवाल का कहना है कि वह किसी को प्रभावित नहीं कर रहे थे, बल्कि स्टिंग ऑपरेशन कर रहे थे।
खुद सोमनाथ ने अपनी सफाई में कहा है कि उन पर लगे सभी आरोप गलत हैं और उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सबूतों से छेड़छाड़ के जो आरोप उन पर लगे, वे सही नहीं थे, बल्कि वह अपने पक्ष में सबूत जुटा रहा थे।
प्रशांत भूषणः कश्मीर पर करा दिया कलेश
प्रशांत भूषण और विवादित बयानों का नाता पुराना है। हाल में भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि कश्मीर में सेना की तैनात को लेकर कश्मीर की जनता के बीच जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए और अगर वह विरोध करती है, तो सेना हटाने के बारे में सोचना चाहिए।
इसके बाद आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया। कुछ संगठनों ने उसके कौशांबी स्थित दफ्तर पर हमला कर खूब तोड़फोड़ की। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हंगामा किया गया।
हालांकि, कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। इससे प्रशांत ने कोई सबक न लेते हुए उसके बाद कहा कि वह नक्सलियों को साथ जुड़ने की सलाह देते हैं और माओवाद प्रभावित इलाकों में भी जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए।
राखी बिडलानः बॉल का बना दिया बवाल
दिल्ली की महिला एवं बाल विकास मंत्री राखी बिडलान का अब तक का राजनीतिक सफर हैरतअंगेज रहा है। लेकिन मंगोलपुरी की जीत के कुछ दिन बाद ही वह विवादों में घिर गईं।
राखी की़ गाड़ी पर एक बॉल लगी, लेकिन उसे एक हमले की तरह दिखाया गया। इस मामले को लेकर खूब बवाल मचा, लेकिन बाद में साफ हो गया कि उनकी कार पर कोई हमला नहीं हुआ था, बल्कि एक बच्चे की बॉल लगी थी।
इस पर जब अरविंद केजरीवाल से सफाई मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और वह जल्द ही राखी बिडलान से इस बारे में बातचीत करेंगे।
अरविंद केजरीवालः खुद सीएम साब भी?
जानकारों का मानना है कि दिल्ली के नए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कुछ ऐसे काम कर रहे हैं, जिनसे उनकी पार्टी को नुकसान हो सकता है।
इनमें सबसे पहले बारी आती है जनता दरबार की। केजरीवाल ने वादा किया था कि जनता की दिक्कतों को जानने के लिए दरबार लगाया जाएगा, लेकिन पहले अनुभव में बवाल मचने के बाद उन्होंने इससे कन्नी काट ली।
इसके अलावा शीला सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलकर केजरीवाल ने माहौल बनाया था, लेकिन किसी भी कांग्रेसी नेता के खिलाफ अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया, जिसे लेकर उन पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं।