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अखिलेश सरकार में कई और भी हैं छवि खराब कराने वाले

लखनऊ/ब्यूरो Updated Sat, 13 Oct 2012 03:15 PM IST
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leaders present in akhilesh govt who can tarnish image
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सपा सरकार में दबंगई दिखाकर पार्टी व सरकार की छवि खराब करने वाले विनोद सिंह अकेले मंत्री नहीं हैं, यह तो वक्त की बात है कि उन्हें अपनी लाल बत्ती गवानी पड़ी। सात माह पुरानी अखिलेश सरकार में कई और नेता हैं, जिन्होंने अपने बड़बोलेपन, अमर्यादित आचरण व दबंगई से सरकार के लिए मुसीबतें पैदा कीं। अगर ऐसा न होता तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को बार-बार अपने मंत्रियों व विधायकों को आचरण सुधारने की नसीहत न देनी पड़ती।
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पहले अखिलेश सरकार को सौ में सौ नंबर देने वाले मुलायम सिंह यादव ने तीन माह पूरे होने पर मंत्रियों के आचरण पर नाराजगी जाहिर की। सपा मंत्रियों व पदाधिकारियों की बैठक में दो महीने पहले ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर खुद को नहीं सुधारा तो लाल बत्ती छिन सकती है। बेटे अखिलेश की सरकार की साफ-सुथरी छवि बनाए रखने को लेकर चिंतित मुलायम द्वारा इस बार एक मंत्री की लालबत्ती छीनना कड़ा कदम बताया जा रहा है।

हालांकि मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी युवजन सभा के अध्यक्ष संजय लाठर को भी पद से हटा कर संकेत दे दिया था कि वह सख्त कदम उठाने में पीछे नहीं रहेंगे। असल में मुलायम सिंह व अखिलेश के लिए मुसीबत अपने ही लोग बन रहे हैं। कभी अपनी जुबां से तो कभी अपने आचरण से सरकार की किरकिरी कराने वाले मंत्री व विधायकों की तादाद भी बढ़ रही है। पिछले दिनों औरया के सपा विधायक मदन सिंह गौतम पर एक युवती ने दुराचार का आरोप लगाया था। इस मामले की पुलिस जांच कर रही है।

सपा जानती है कि बसपा राज में शेखर तिवारी, आनंद सेन, बादशाह सिंह, रंगनाथ मिश्र, बाबू सिंह कुशवाहा, गुड्डू पंडित, पुरुषोत्तम द्विवेदी समेत दो दर्जन विधायकों व मंत्रियों ने दबंगई व भ्रष्टाचार के कारण मायावती की खासी किरकिरी कराई। इन बसपाइयों के कारनामों से नाराज जनता ने पार्टी को खासा नुकसान पहुंचाया। बसपा सरकार की भ्रष्ट छवि बन जाने के कारण ही जनता का उससे मोह भंग हो गया। सपा इस स्थिति से बचना चाहती है। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र की सरकार के गठन में  बैलेंसिंग पावर बनने की चाह रखने वाली सपा की चिंता है कि अगर उसने अपनी सरकार परफार्मेंस बेहतर नहीं दी तो 2014 की चुनावी जंग में उसे नुकसान हो सकता है।

इन्होंने कराई किरकिरी
महबूब अली: वस्त्र एवं रेशम उद्योग, राज्यमंत्री
महबूब अली जब सपा सरकार में शामिल हुए तो अमरोहा में उनके आगमन पर एक बड़ा जुलूस निकाला गया। उनके समर्थकों ने असलहे लहराकर खूब फायरिंग की। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। सपा नेतृत्व ने इस मामले पर नाखुशी जाहिर की।

अंबिका चौधरी: राजस्व मंत्री
प्रदेश के राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी ने भी अपने विरोधियों से निपटने के जो तौर-तरीके अपनाए, उससे पार्टी की किरकिरी हुई तो विपक्ष ने उनके बहाने सरकार पर निशाना साधा। चौधरी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने बलिया के उस बस्ती में बुलडोजर चलवाकर वे मकान गिरवा दिए, जहां से उन्हें विधानसभा चुनाव में वोट नहीं मिले।

राजेंद्र सिंह राणा : ग्रामीण अभियंत्रण सेवा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
राजेंद्र सिंह राणा भी मंत्री बनने के बाद तब विवादों में घिर गए जब उनके पिता लालबत्ती गाड़ी में कहीं जा रहे थे और पुलिस ने चालान कर गाड़ी जब्त कर ली।
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