{"_id":"99c47fda-6a3a-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"law-ministry-serious-set-up-fast-track-courts","type":"story","status":"publish","title_hn":"फास्ट ट्रैक कोर्टों के गठन पर कानून मंत्रालय गंभीर","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
फास्ट ट्रैक कोर्टों के गठन पर कानून मंत्रालय गंभीर
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Tue, 29 Jan 2013 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के चर्चित गैंगरेप की घटना से सबक लेते हुए कानून मंत्रालय पूरे देश में फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने पर जोर दे रहा है ताकि ऐसे जघन्य मामलों व मानवीय दृष्टिकोण वाले सिविल मुकदमों पर जल्द फैसला सुनाया जा सके। वह इसमें होने वाले खर्च का बड़ा हिस्सा देने को तैयार है।
विज्ञापन
कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने बताया कि उन्होंने ऐसे कोर्ट बनाने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सभी 21 हाईकोर्टों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखा है। इन्हें 2005 से बनना था पर केंद्र व राज्य सरकारों के बीच खर्च को लेकर विवाद के कारण रुका हुआ था। वे चाहते हैं कि ये अदालतें न केवल बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे जघन्य अपराधों की सुनवाई करें बल्कि वैवाहिक विवादों, बच्चों की अभिरक्षा व वृद्धों से जुड़े मामलों जैसे मानवीय दृष्टिकोण वाले विवादों की सुनवाई भी करें।
विज्ञापन
कुमार ने बताया कि एक बहु आयामी रणनीति बना रहे हैं ताकि न्याय न केवल जल्दी मिले बल्कि कम खर्च पर मिलता हुआ दिखाई भी दे। ऐसी अदालतों को बनाने के लिए हम राज्य सरकारों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। सभी मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों ने इसको बहुत सकारात्मक रूप से लेते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पंजाब, दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र में फास्ट ट्रैक अदालतें बनना शुरू हो गया है।
विज्ञापन