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पब्लिसिटी स्टंट है लता मंगेशकर का बयानः रफी
मुंबई/एजेंसी
Updated Thu, 27 Sep 2012 10:08 AM IST
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महान गायक मोहम्मद रफी और ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर के बीच वर्षों पुराने झगड़े ने नया मोड़ ले लिया है। निर्माताओं और गायकों के बीच रॉयल्टी के विवाद पर लता द्वारा रफी के संदर्भ में कही गई बातों से इस गायक के बेटे शाहिद रफी खासे नाराज हैं। उन्होंने लता के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी दी है। शाहिद रफी ने लता की बातों को ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया है।
एक अखबार को हाल में दिए इंटरव्यू में लता ने कहा था कि रॉयल्टी के मुद्दे पर उनके और रफी के बीच विवाद था। गायकों और संगीतकारों की एक बैठक में लता ने रॉयल्टी की मांग की थी और रफी का मानना था कि गाने का मेहनताना मिलने के बाद उनका रॉयल्टी पर हक नहीं बनता। इस पर बहस बढ़ी तो रफी ने कहा, ‘मैं आज से लता के साथ नहीं गाऊंगा’। तब पलट कर लता ने कहा, ‘रफी साहब एक मिनट। आप नहीं गाएंगे मेरे साथ ये गलत बात है। मैं आपके साथ नहीं गाऊंगी।’
उल्लेखनीय है कि दोनों महान गायकों के बीच सातवें दशक में कई वर्षों तक शीत युद्ध चला था। रफी साहब से अपने समझौते के बारे में लता ने इंटरव्यू में कहा, ‘तब संगीतकार जयकिशन ने मध्यस्थता की थी। मैंने उनसे कहा था कि आप मुझे रफी साहब की तरफ से लिखित माफीनामा ला दें तो मैं उनके साथ गाऊंगी। जब मेरे पास उनका पत्र आया तो हमारे बीच का शीत युद्ध खत्म हुआ।’ हालांकि लता ने यह भी कहा कि जब भी उन्होंने वह पत्र देखा, उन्हें बहुत दुख हुआ।
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शाहिद रफी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मेरे पिता राष्ट्रीय संपत्ति थे। मैं और उनके फैन लता की इन बातों से आहत हैं। मेरा पिता के चाहने वालों की संख्या किसी भी दूसरे कलाकार से कहीं अधिक है। यदि वह (लता मंगेशकर) साबित कर दें कि मेरे पिता ने लिखित माफी मांगी थी तो मैं भी उनसे माफी मांग लूंगा। वह सच्ची हैं तो उन्हें वह पत्र सार्वजनिक करना चाहिए।’
जूनियर रफी ने कहा कि मेरे पिता को गुजरे कई वर्ष हो गए हैं और अब लता पत्र की चर्चा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह लता मंगेशकर का पब्लिसिटी स्टंट है। शाहिद रफी के अनुसार इस मुद्दे पर उन्होंने लता मंगेशकर से बात नहीं की है क्योंकि पहले जब भी उन्होंने कभी लता को फोन किया, वह व्यस्त मिलीं। उन्होंने कहा कि मैं आठ से दस दिन तक इस मामले में उनके जवाब का इंतजार करूंगा, वर्ना कानूनी कार्रवाई करूंगा।
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एक अखबार को हाल में दिए इंटरव्यू में लता ने कहा था कि रॉयल्टी के मुद्दे पर उनके और रफी के बीच विवाद था। गायकों और संगीतकारों की एक बैठक में लता ने रॉयल्टी की मांग की थी और रफी का मानना था कि गाने का मेहनताना मिलने के बाद उनका रॉयल्टी पर हक नहीं बनता। इस पर बहस बढ़ी तो रफी ने कहा, ‘मैं आज से लता के साथ नहीं गाऊंगा’। तब पलट कर लता ने कहा, ‘रफी साहब एक मिनट। आप नहीं गाएंगे मेरे साथ ये गलत बात है। मैं आपके साथ नहीं गाऊंगी।’
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उल्लेखनीय है कि दोनों महान गायकों के बीच सातवें दशक में कई वर्षों तक शीत युद्ध चला था। रफी साहब से अपने समझौते के बारे में लता ने इंटरव्यू में कहा, ‘तब संगीतकार जयकिशन ने मध्यस्थता की थी। मैंने उनसे कहा था कि आप मुझे रफी साहब की तरफ से लिखित माफीनामा ला दें तो मैं उनके साथ गाऊंगी। जब मेरे पास उनका पत्र आया तो हमारे बीच का शीत युद्ध खत्म हुआ।’ हालांकि लता ने यह भी कहा कि जब भी उन्होंने वह पत्र देखा, उन्हें बहुत दुख हुआ।
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शाहिद रफी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मेरे पिता राष्ट्रीय संपत्ति थे। मैं और उनके फैन लता की इन बातों से आहत हैं। मेरा पिता के चाहने वालों की संख्या किसी भी दूसरे कलाकार से कहीं अधिक है। यदि वह (लता मंगेशकर) साबित कर दें कि मेरे पिता ने लिखित माफी मांगी थी तो मैं भी उनसे माफी मांग लूंगा। वह सच्ची हैं तो उन्हें वह पत्र सार्वजनिक करना चाहिए।’
जूनियर रफी ने कहा कि मेरे पिता को गुजरे कई वर्ष हो गए हैं और अब लता पत्र की चर्चा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह लता मंगेशकर का पब्लिसिटी स्टंट है। शाहिद रफी के अनुसार इस मुद्दे पर उन्होंने लता मंगेशकर से बात नहीं की है क्योंकि पहले जब भी उन्होंने कभी लता को फोन किया, वह व्यस्त मिलीं। उन्होंने कहा कि मैं आठ से दस दिन तक इस मामले में उनके जवाब का इंतजार करूंगा, वर्ना कानूनी कार्रवाई करूंगा।