कहीं भी हमला कर सुर्खियां बटोरना चाहते लश्कर, आईएस
बराक ओबामा की भारत यात्रा के समय किसी आतंकी वारदात के प्रति अमेरिका से मिली चेतावनी के बावजूद लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी जम्मू-कश्मीर में हमले करने की फिराक में हैं।
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई-5 की ओर से अमेरिका और भारत को मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी एजेंसियां आतंकी संगठनों इस्लामिक स्टेट (आईएस) और लश्कर से सांठगांठ की कोशिश में लगी हैं।
पाकिस्तान के मंसूबे संबंधी खुफिया इनपुट को देखते हुए नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर चौकसी कड़ी कर दी गई है। बीएसएफ अपनी रिजर्व बटालियन को भी आईबी पर तैनात कर रही है।
सड़क के रास्ते ओबामा के आगरा जाने को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अंतिम समय में ओबामा को हेलीकॉप्टर से आगरा ले जाने का विकल्प है। इसके लिए अफगानिस्तान में अभी रुके हुए अमेरिकी फोर्स के हेलीकॉप्टरों के जत्थे को तैयार रखा गया है।
सुर्खियां बटोरना पहला मकसद
बीएसएफ के जम्मू में तैनात आईजी आर के शर्मा ने कहा है कि रिजर्व बटालियन को अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बढ़ाना शुरू कर दिया गया है। शर्मा के मुताबिक पाकिस्तान से लगी 198 किलोमीटर की सीमा पर रेड अलर्ट है।
उधर, सेना ने भी एलओसी पर अपनी चौकसी बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, एमआई-5 ने भारत में आतंकी संगठन आईएस के संभावित हमले के बारे में कई बारीक जानकारियां दी हैं।
इंग्लैंड की इस खुफिया एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां आईएस की लश्कर के साथ सांठगांठ कराने की कोशिश में है।
भारत को मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और भारत में हमले के लिए आईएस और लश्कर के नेटवर्क का इस्तेमाल करने पर संभवत: राजी हो गया है। सूत्रों ने बताया कि ओबामा का भारत दौरा उनके लिए सुर्खियां बटोरने का अच्छा मौका है जिसके इस्तेमाल की वह पूरी कोशिश करेंगे।