पुणे में टूटा आफत का पहाड़, मलबे में समाया पूरा गांव
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महाराष्ट्र में पुणे से 80 किलोमीटर दूर मलीण गांव के लोगों पर बुधवार की सुबह आफत का पहाड़ बनकर टूटी। इस कुदरती कहर से सह्याद्री पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसे मलीण आदिवासी गांव के 44 मकान मलबे में समा गए। इस गांव में कुल 50 घर हैं।
हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई जबकि चट्टान और कीचड़युक्त मिट्टी में 160 लोगों के दबे होने की आशंका है। पुणे में अंबे गांव तालुका का मलीण गांव 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक भीमाशंकर इलाके में है।
मलीण गांव में यह हादसा सुबह करीब सवा छह बजे हुआ, जब लोग सोकर भी नहीं उठे थे। इस दुर्गम भाग में पत्थरों और मिट्टी में धंसे लोगों की चीख पुकार भी मलबे में दब कर रह गई। अब देखने पर यह लगता ही नहीं कि यहां कोई गांव था।
200 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों ने 200 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे में पशु और गांव का मंदिर भी बह गया है।
बुधवार शाम तक मलबे से 15 से अधिक शव और 14 जीवित लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को पुणे के ससून और एडविरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बताया कि 715 लोगों की आबादी वाले इस गांव में 50 मकान हैं, जिसमें से 44 मकान मलबे में धंस गए हैं।
एनडीआरएफ के 300 जवान और प्रशासनिक मशीनरी राहत व बचाव कार्य में जुटीं हैं। पुणे के जिलाधिकारी के अनुसार तीन दिन तक बचाव कार्य चलने की संभावना है। महाराष्ट्र में भूस्खलन से गांव धंसने की घटना नौ साल पहले कोंकण में हुई थी। मलीण गांव हादसे के बाद मुख्यमंत्री चव्हाण ने पहाड़ी के नीचे बसे आसपास के गांवों के लोगों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की घोषणा की है।
पीएम ने राजनाथ को भेजा
रोडवेज बस के पहुंचने पर मिली जानकारी
इस दुर्घटना की खबर प्रशासन को तब मिली जब मलीण गांव से होकर जाने वाली महाराष्ट्र राज्य परिवहन (एसटी) की बस वहां से गुजरी। बस ड्राइवर प्रताप काले ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। उसके बाद करीब 11 बजे से राहत और बचाव कार्य आरंभ किया गया।
पीएम ने राजनाथ को भेजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री ने राजनाथ सिंह को मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा करने और हर संभव मदद देने को कहा है। साथ ही प्रधानमंत्री ने हादसे में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया।
महाराष्ट्र में भी बनेगा एनडीआरएफ जैसा दल
महाराष्ट्र सरकार भी केंद्र की तर्ज पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिसाद दल (एनडीआरएफ) जैसा दल गठित करेगी। राज्य में अक्सर बाढ़, चक्रवात और प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर बुधवार को राज्य कैबिनेट ने यह फैसला किया है।
गांव में थे कुल 50 घर
करीब 715 लोगों की आबादी वाले पुणे के इस गांव में कुल 50 मकान थे, जिनमें से 44 मलबे में दब गए हैं।