फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Land Acquisition : Parliamentary committee officer are missing intentionally

भूमि अधिग्रहण : संसदीय समिति से ‘जानबूझकर’ गायब रहे अधिकारी

Thu, 16 Jul 2015 11:01 PM IST
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, दिल्ली
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 16 Jul 2015 11:01 PM IST
विज्ञापन
Land Acquisition : Parliamentary committee officer are missing intentionally

भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर गठित संसद की संयुक्त समिति में भाजपा और कांग्रेस समेत तमाम दलों के सदस्यों को हैरानी का सामना करना पड़ा।

विज्ञापन


दरअसल, संसद की संयुक्त समिति की बैठक से कई मंत्रालयों के सचिव गायब रहे। इससे बैठक को टालना पड़ा। अब समिति के लिए 27 जुलाई तक रिपोर्ट देना असंभव हो गया।
विज्ञापन


लिहाजा समिति के अध्यक्ष एस एस आहलूवालिया ने रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन अगस्त तक का समय मांगा है। इसका सीधा मतलब है कि संसद के मानसून सत्र में विधेयक के पेश होने की संभावना अब लगभग धूमिल हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जानबूझ कर गायब रहने को कहा गया!

Land Acquisition : Parliamentary committee officer are missing intentionally

सचिवों ने किसी दूसरी व्यस्तता को बताते हुए बैठक में आने से परहेज किया। सचिवों को बैठक में अपना प्रजेंटेशन देना था। दरअसल, भूमि अधिग्रहण विधेयक को टालने के मूड में लग रही सरकार ने अब इससे इरादतन पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में सचिव योजनाबद्ध तरीके से गायब रहे, ताकि समिति को रिपोर्ट दर्ज करने में देरी हो। बैठक में शामिल एक विपक्षी दल के नेता ने कहा कि सचिवों को ‘जानबूझकर’ गायब रहने के लिए कहा गया है।


एक साथ ग्रामीण विकास, ऊर्जा, औद्योगिक और कृषि मंत्रालय के सचिवों के गायब होने की वजह से बैठक को 21 जुलाई के लिए टालना पड़ा। समिति को 27 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी थी।

इस सत्र में नहीं आएगा बिल!

Land Acquisition : Parliamentary committee officer are missing intentionally

ऐसी परिस्थितियों में बिल का इस सत्र में आना मुश्किल लग रहा है। आयोजित बैठक में सदस्यों को बताया गया कि ज्यादातर सचिव संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू की ओर से बुलाई गई बैठक में जाने की वजह से आ नहीं पाए।

समिति में विपक्षी दल के एक सदस्य ने कहा कि बैठक पहले से तय थी। इसलिए एक ही तारीख में दो बैठकें करने का तर्क समझ नहीं आ रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed